दो महीने में उखड़ गई सड़क:घटिया सड़क निर्माण से आमजन परेशान ; प्रशासन मौन

शहर के विभिन्न इलाकों में सड़कों की जर्जर हालत अब आम जन के लिए मुसीबत का सबब बन चुकी है। प्रशासन की अनदेखी और घटिया निर्माण कार्य के चलते न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि आए दिन लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन और नगर परिषद की लापरवाही के कारण सड़कों पर कंक्रीट और गहरे गड्ढे पसरे हुए हैं, जिससे शहर के मुख्य मार्गों और गलियों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। ​निवासियों की पीड़ा और बुनियादी सुविधाओं का अभाव ​तेलीवाड़ा क्षेत्र के निवासी शुभम गेहलोत बताते हैं कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने बताया कि शहर की लगभग सभी सड़कें टूटी हुई हैं, जिससे आम जनता को भारी मानसिक और शारीरिक कष्ट झेलना पड़ रहा है। विशेष रूप से वे लोग जो शाम के समय पार्क में घूमने आते हैं या पक्षियों को दाना डालने निकलते हैं, उन्हें चलने में भारी असुविधा होती है। शुभम का कहना है कि यह किसी कूड़ेदान की गली नहीं बल्कि मुख्य सड़क है, फिर भी नगर परिषद इसकी सफाई और मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। ​निर्माण में भ्रष्टाचार और स्कूली बच्चों की सुरक्षा ​सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री का मुद्दा उठाते हुए प्रदीप ने बताया कि नागौर नगर परिषद ने करीब दो महीने पहले ही एक सड़क का निर्माण करवाया था। लेकिन भ्रष्टाचार की हद यह है कि पैच वर्क होने के कुछ ही समय बाद सड़क फिर से उखड़ गई। सड़क पर बिखरी कंक्रीट (गिट्टी) के कारण वहां से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालक रोजाना फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। सबसे गंभीर स्थिति स्कूली बच्चों की है, जो आए दिन सड़क पर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ​बुजुर्गों के लिए ‘डेंजर जोन’ बनी सड़कें ​सड़कों की इस बदहाली का सबसे दर्दनाक अनुभव एक बुजुर्ग पुखराज व्यास ने बताया कि सड़कों पर मौजूद गहरे गड्ढों के कारण अब पैदल चलना भी किसी जोखिम से कम नहीं है। स्वयं अपनी आपबीती सुनाते हुए उन्होंने बताया कि वे इन गड्ढों की वजह से सड़क पर गिर गए, जिससे उनकी आंख के पास गंभीर चोट आई और अस्पताल में उन्हें दो टांके लगवाने पड़े। बुजुर्गों और बच्चों के लिए ये सड़कें अब “डेंजर जोन” बन चुकी हैं। ​जनता की मांग और प्रशासनिक आश्वासन ​क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और नगर परिषद से पुरजोर मांग की है कि कागजी खानापूर्ति छोड़कर जमीनी स्तर पर काम किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इन सड़कों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत नहीं कराई गई, तो हादसों का सिलसिला और बढ़ सकता है। इस बारे में नागौर SDM और कार्यवाहक आयुक्त गोविन्द सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच करवाकर दोषी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *