दो साल में पांच करोड़ की विदेशी नकली शराब और ढाई लाख का स्पिरिट बरामद

बोकारो जिला अवैध शराब का बड़ा इंडस्ट्री बन गया है। विभिन्न एरिया में शराब बनाने की मिनी फैक्ट्री में हजारों लीटर शराब बन रही है। इसे आसपास के जिलों के अलावा बिहार में खपाया जाता है। उत्पाद विभाग ने 2024 और 2025 में अब तक 75 हजार 744.66 लीटर नकली विदेशी शराब और 4250 लीटर स्पिरिट जब्त किया है। गौरतलब है कि शराब के लिए बिहार का बोकारो से पुराना कनेक्शन है। शराब बंदी के बाद से ही बोकारो के शराब माफियाओं का बिहार से गहरा संबंध रहा है। बोकारो के शराब माफियाओं पर बिहार के विभिन्न जिलों में लगभग एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। लेकिन शराब तस्करी का सिलसिला रुक नहीं रहा है। पुराने शराब माफिया जेल गए, काम भी बंद किया, लेकिन धीरे-धीरे बोकारो में कई छोटे-छोटे शराब माफिया खड़े हो गए। कम दिनों में जयादा पैसा युवाओं को इस धंधे ने आकर्षित किया। नतीजा आज जिले के हर एरिया में शराब फैक्ट्री संचालित हो रही है, जहां पैकिंग कर चोरी-छिपे लग्जरी गाड़ियों से सप्लाई की जाती है। तांतरी में चल रहा था अवैध शराब फैक्ट्री, सरकार का नकली लोगो बरामद बोकारो | गुप्त सूचना पर उत्पाद विभाग की ओर से जरीडीह थाना क्षेत्र के ग्राम तांतरी कुम्हारडीह में गुरुवार को छापामारी अभियान चलाया गया। छापामारी के दौरान एक मिनी अवैध विदेशी शराब फैक्ट्री का खुलासा किया गया, जहां से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब, स्पिरिट एवं शराब निर्माण में प्रयुक्त सामग्री बरामद की गई। उक्त छापेमारी सहायक आयुक्त उत्पाद, बोकारो के निर्देशानुसार की गई थी। मौके से स्पिरिट 120 लीटर, तैयार रंगीन शराब 40 लीटर, ओल्ड मंक प्लास्टिक बोतल 750 एमएल 24 पीस, झारखंड सरकार का नकली लोगो, विभिन्न ब्रांड के स्टीकर, ढक्कन व बोतलें आदि बरामद किया गया। बताया गया कि अवैध निर्माण और सप्लाई में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। शराब माफियाओं ने ग्रामीण इलाकों में अपना धंधा कर रहे हैं, ताकि किसी को पता नहीं लगे। छापेमारी में अवर निरीक्षक सन्नी विवेक तिर्की, महेश दास आदि शामिल रहे। ऐसे समझें… कैसे बनाया जाता है नकली शराब शराब बनाने के लिए सबसे पीले जीरो टीडीएस का परनी चाहिए। इसकी आपूर्ति पानी के किसी प्लांट से की जाती है। इसके बाद कैरेमेल, बोतल, स्पिरिट, रैपर व ढक्कन की जरूरत होती है। इसकी सप्लाई कोलकाता के हैदर अली, हुसैन और दिलीप सेठ करते हैं। बोतल कबाड़ी से भी खरीदा जाता है। 10 से 20 रुपए में विभिन्न ब्रांड का बोतल मिल जाता है। प्लास्टिक का बोतल भी दो-तीन रुपए में आता है। एल्युमिनियम का ढक्कन दो रुपए पीस के हिसाब से मिलता है। वहीं प्लास्टिक का ढक्कन तीन से चार रुपए में मिलता है। जबत शराब के साथ अधिकारी व जवान। वर्ष 2024 में पूरे जिले में इस तरह हुई कार्रवाई 21 मार्च 2024 को पिंड्राजोरा के कांड्रा में 998.70 लीटर नकली विदेशी शराब व 350 लीटर स्पिरिट बरामद। 07 अप्रैल को जरीडीह के नूतनडीह से 855 लीटर नकली विदेशी शराब और 500 लीटर स्पिरिट बरामद। 13 अप्रैल को बालीडीह ओपी क्षेत्र के मोहनपुर में 499.28 लीटर नकली विदेशी शराब बरामद। 24 सितंबर को नंदुआ स्थान से 735 लीटर शराब व 1500 लीटर स्पिरिट बरामद। 23 अक्टूबर को गोमिया के हजारी मोड़ से 934 लीटर नकली शराब व 400 लीटर स्पिरिट बरामद। 04 नवंबर को दुग्दा थाना के बुढ़ीडीह में मिनी फैक्ट्री से 504 लीटर अवैध विदेशी शराब व 225 लीटर स्पिरिट बरामद। 07 नवंबर को जरीडीह थाना क्षेत्र के मंगला टोला से 500 लीटर स्प्रिट बरामद। वर्ष 2025 में ज्यादा बढ़ा अवैध शराब का धंधा 30 जनवरी 2025 को चलकरी दक्षिणी में अवैध फैक्ट्री से 1288 लीटर नकली विदेशी शराब और 100 लीटर स्पिरिट बरामद। 17 फरवरी को कुंडौरी से 100 लीटर शराब, 150 लीटर स्पिरिट बरामद। 20 फरवरी को महेशपुर में अवैध फैक्ट्री से 117 लीटर शराब बरामद। 27 मार्च को पेटरवार के अंगवाली में 133 लीटर नकली शराब बरामद। 10 अप्रैल को गांधीनगर के सरैयाटांड़ में 349.48 लीटर विदेशी शराब 350 लीटर स्पिरिट बरामद। 03 मई को आईटीआई मोड़ के एक होटल के पीछे से 1350 लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद। 13 मई को पिंड्राजोरा के उलगोड़ा से 556 लीटर नकली विदेशी शराब और 25 लीटर कैरेमल बरामद। 22 जून को कांड्रा से ट्रक में लदा 8100 लीटर विदेशी शराब जब्त। 31 जुलाई को दांतू के पीएम आवास से 1100 लीटर शराब बरामद।

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