दो साल में 3 बार टेंडर, फिर भी शुरू नहीं हुआ शौचालय

उदियापोल स्थित रोडवेज बस स्टैंड पर काउंटर नंबर 3 के सामने बना सुलभ शौचालय दो साल से बंद है। रोडवेज प्रशासन इसके लिए तीन बार टेंडर कर चुका है। लेकिन, राशि ज्यादा होने से कोई शामिल नहीं हो रहा है। अगर, कोई फर्म आती भी है तो उसकी राशि कम होने से टेंडर निरस्त हो जाता है। शौचालय का उपयोग स्टैंड पर आने वाले हर यात्री करता है। टिकट काउंटर आैर बस के स्टॉपेज के बीच में जगह होने से हर यात्री के लिए यहां जाना आसान रहता है। लेकिन, किराया ज्यादा होने से यह शुरू नहीं हो पा रहा है। बस स्टैंड पर हर दिन 14 हजार यात्रियों का आना-जाना होता है। महिलाओं को बस किराए में 50 प्रतिशत छूट मिलने से 60 प्रतिशत महिलाएं बसों से यात्रा करती हैं। ऐसे में बस स्टैंड पर साफ-सफाई और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के नहीं होने से महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। मामले को लेकर आगार प्रबंधक हेमंत शर्मा से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। 2024 में 23 अगस्त को पहली बार टेंडर निकाला गया था, जिसमें शौचालय का किराया 1.25 लाख रु. प्रतिमाह तय किया गया था। उस समय किसी भी फर्म ने टेंडर में रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद रोडवेज प्रशासन ने किराया घटाकर 1.05 लाख रु. प्रतिमाह कर दिया और 24 अक्टूबर को दोबारा टेंडर जारी किया, लेकिन तब भी कोई ठेकेदार सामने नहीं आया। इसके बाद मई 2025 में तीसरी बार टेंडर जारी किया गया। इस बार दो फर्में सामने आईं, लेकिन उनकी बोली तय दर से कम होने के कारण बात नहीं बन पाई बस स्टैंड पर 3 सुलभ शौचालय हैं। इनमें से एक स्टैंड के बाहर है। इसकी क्षमता 15-15 लोगों की है और इसका किराया एक लाख रुपए प्रतिमाह है। दूसरा शौचालय कैंटीन के पास है, जिसकी क्षमता 7-7 लोगों की है और उसका किराया 90 हजार रुपए प्रतिमाह तय है। वहीं काउंटर नंबर 3 के सामने बने शौचालय की क्षमता केवल 5-5 लोगों की है, लेकिन इसका किराया 1.05 लाख रुपए प्रतिमाह रखा गया है। यही कारण माना जा रहा है कि ठेकेदार इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

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