बारां जिले में सिविल डिफेंस के तहत आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए की जा रही भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस विभाग की देखरेख में हुई दौड़ में 494 युवा उत्तीर्ण हुए, जबकि प्रशिक्षण 522 अभ्यर्थियों को दिया जा रहा है। इस विसंगति के कारण चयन प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के लिए 28 अन्य शामिल कैसे हुए शामिल
चयन प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक परीक्षा, जिसमें दौड़ पास करना अनिवार्य था। यह दौड़ प्रशासन और पुलिस विभाग की मौजूदगी में आयोजित की गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कुल 494 अभ्यर्थी दौड़ में सफल रहे। हालांकि, जिला प्रशासन ने बुनियादी प्रशिक्षण के लिए 522 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी कर दी, जिसमें दौड़ में पास होने वालों के अतिरिक्त 28 नाम शामिल थे। असफल अभ्यर्थियों को भी प्रशिक्षण में शामिल करने का आरोप
शिकायतकर्ता युवाओं का आरोप है कि क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण के लिए जारी सूची में कई ऐसे नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने न तो आवेदन किया था और न ही दौड़ में भाग लिया था। कुछ अभ्यर्थी ऐसे भी बताए जा रहे हैं, जो दौड़ में अनुत्तीर्ण हो गए थे, फिर भी उन्हें प्रशिक्षण में शामिल कर लिया गया। आरोप है कि राजनीतिक हस्तक्षेप और अनियमितता के चलते दौड़ की मूल सूची में काट-छांट कर नए नाम जोड़े गए हैं। चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर लगे प्रश्न चिन्ह
इसके अलावा यह भी आरोप है कि बुनियादी सेवा प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों को भी क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण के लिए चुन लिया गया है। इन अनियमितताओं ने पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच की मांग
भर्ती से वंचित रह गए युवाओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और चयन प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा संपन्न कराने की अपील की है। इस संबंध में युवाओं ने जिला प्रशासन और संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर शिकायत भी दर्ज कराई है। एडीएम बोले- भर्ती में कोई अनियमितता नहीं
जबकि एडीएम भंवरलाल जनागल का कहना है कि सिविल डिफेंस भर्ती में किसी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं है। यह सब अफवाह है। भर्ती उसी की होती है, जिसने आवेदन किया है। ऐसी कोई शिकायत भी नहीं मिली हैं। सिविल डिफेंस प्रभारी बोले- सब अफवाह, आरोप गलत
वहीं, सिविल डिफेंस प्रभारी दुर्गाशंकर मीणा का कहना है कि भर्ती में कोई अनियमितता नहीं हुई है। फालतू लोग अफवाह उड़ा रहे हैं। सारी प्रक्रिया नियमानुसार व पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया कमेटी के निर्णयानुसार व मॉनिटरिंग में की जा रही है। यह सभी आरोप गलत है।


