जयपुर के भांकरोटा में एक्सीडेंट के बाद गैस टैंकर में ब्लास्ट के घटनाक्रम से सबक लेते हुए दौसा जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा के बंदोबस्त और बेहतर करने पर काम शुरू कर दिया है। इसे लेकर शनिवार को कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने नेशनल हाईवे प्राधिकरण के परियोजना निदेशक बलवीर सिंह यादव समेत पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे का दौरा किया। कलेक्टर ने आईरैड पोर्टल पर एक्सीडेंट डाटा अनुसार चिह्नित ब्लैक स्पॉट कालाखो मोड, रेटा, भांडारेज मोड़ आदि का निरीक्षण कर हाईवे प्राधिकरण के हाईवे प्राधिकरण के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने एक्सप्रेस-वे पर एटीएमएस प्रणाली को भी परखा एवं संपूर्ण प्रक्रिया को समझकर उसे ओर अधिक बेहतर करने के निर्देश दिए। आईरैड पोर्टल की पेंडेंसी जल्द खत्म करें इससे पहले कलेक्टर चैंबर में सड़क सुरक्षा के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईरैड पोर्टल रिपोर्ट के विश्लेषण के आधार पर जिलेभर में चिह्नित दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए दीर्घकालीन एवं अल्पकालिक निर्णयानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें, जिनमें राजमार्गों पर सर्विस लेन बनाने, अवैध कट्स को बंद करने, अतिक्रमण हटाने, साईनेज, ब्लिंकर, बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, कैटाई, ट्रांसवर्स बार मार्किंग एवं आवश्यकता अनुसार सीसीटीवी कैमरे इत्यादि लगाए जाए। साथ ही आईरैड पोर्टल की पेंडेंसी खत्म करें। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें कलेक्टर ने कहा कि जनवरी में सड़क सुरक्षा माह के तहत लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए। जिसमें स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम, यातायात नियमों की जानकारी एवं जनसाधारण को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर सड़क दुर्घटनाओं को न्यून करने का प्रयास करें। इस दौरान एनएचएआई के मैनेजर पुष्पेंद्र सिंह, सार्वजनिक निर्माण विभाग, यातायात विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


