दौसा कलेक्ट्रेट के सामने पुलिस-प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की:UGC नियमों के विरोध में भाजपा के झंडे जलाए, हाईवे जाम करने का प्रयास

दौसा में UGC के नए नियमों के विरोध में बड़ी संख्या में युवाओं ने सिर पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। भाजपा के झंडे जलाए और नेताओं के पुतले फूंके। आक्रोश रैली में केंद्र सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां हाथों में लेकर प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट गेट पर रोक दिया। जयपुर-आगरा हाईवे जाम करने के लिए लोग आगे बढ़े तो पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। इस दौरान कुछ युवाओं ने हाईवे पर पहुंचकर जाम करने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें खदेड़कर ट्रैफिक सुचारू करवाया। समझाइश के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी विनियम-2026 को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। कलेक्ट्रेट गेट पर बैरिकेडिंग कर रास्ता रोका यूजीसी विनियम-2026 के विरोध बुधवार को जिला मुख्यालय पर दोपहर 12 बजे सहजनाथ महादेव मंदिर से आक्रोश रैली की शुरुआत हुई। रैली कलेक्ट्रेट तक पहुंची, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। रैली में शामिल प्रदर्शनकारी सिर पर काली पट्टियां बांधे हुए थे और हाथों में केंद्र सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां लिए ‘यूजीसी रोल बैक’ के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। भीड़ को देखते हुए डिप्टी एसपी धर्मेंद्र शर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया था। कलेक्ट्रेट के गेट समेत जगह-जगह बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई। गांधी तिराहे पर पुतला दहन रैली जब गांधी तिराहे पर पहुंची तो कुछ युवाओं ने भाजपा के 16 नेताओं के पुतले जलाए। इस दौरान भाजपा के झंडों में भी आग लगाई गई और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति पर नजर बनाए रखी। हाईवे की तरफ बढ़ने से रोकरने पर बढ़ा तनाव कलेक्ट्रेट पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की। इसी दौरान दर्जनों युवा जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ समय तक गहमागहमी रही और कई युवक हाईवे पर जा पहुंचे, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने खदेड़ा, समझाइश से शांत हुआ मामला हाईवे जाम करने पहुंचे युवाओं को पुलिस बल ने वापस कलेक्ट्रेट के सामने की ओर धकेला। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। एक युवक को धक्का लगने पर प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई और अधिकारियों से आपत्ति दर्ज कराई। हालांकि बाद में प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया। केंद्र सरकार पर साधा निशाना कलेक्ट्रेट के बाहर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित नियमों का दुरुपयोग होने पर सामान्य वर्ग के छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उनका आरोप था कि इससे शैक्षणिक संतुलन प्रभावित होगा और फर्जी शिकायतों के जरिए निर्दोष छात्रों के प्रताड़ित होने की आशंका है। वक्ताओं ने कहा कि ये नियम संविधान के समानता के अधिकार की भावना के विपरीत हैं और बिना व्यापक चर्चा के लागू किए गए हैं। एसडीएम को सौंपा ज्ञापन करीब 30 मिनट तक नारेबाजी के बाद प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम संजू मीणा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। करणी सेवा की राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना, पूर्व मंत्री शैलेंद्र जोशी और ब्राह्मण समाज के बाबूलाल टीलावाला ने सभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

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