दौसा कलेक्ट्रेट में भूकंप की मॉक-ड्रिल, कलेक्टर-एसपी मौके पर पहुंचे:रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मलबे में दबे घायलों को बचाया

दौसा कलेक्ट्रेट में भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की मॉक ड्रिल की गई। जहां एनडीआरएफ की वडोदरा यूनिट द्वारा बचाव के तरीकों का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही आपदा के समय विभागों के बीच समन्वय और रेस्क्यू टीमों के रिस्पॉन्स टाइम की जांच की गई। दरअसल, दोपहर बाद जिला कंट्रोल रूम से अलग-अलग विभागों को बहुमंजिला इमारत में उच्च तीव्रता के भूकंप से नुकसान होने की सूचना दी गई। इस पर एनडीआरएफ के साथ स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स, नागरिक सुरक्षा, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन दल तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र को कवर किया और अन्य संबंधित एजेंसियों ने कटर और सर्च लाइट जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कार्यवाही की। साथ ही छत पर फंसे लोगों को जिप लाइन के जरिए उतारने का लाइव अभ्यास किया गया। टीम द्वारा घायलों को प्राथमिक इलाज देने के लिए मौके पर ही मेडिकल एड पोस्ट बनाया गया। इस दौरान पांच घायलों को चिह्नित कर उन्हें समय पर एम्बुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इस अभ्यास में स्काउट-गाइड्स ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। कलेक्टर-एसपी ने की मॉनिटरिंग
कलेक्टर देवेन्द्र कुमार और एसपी सागर राणा ने मौके पर उपस्थित रहकर पूरी कार्रवाई की समीक्षा की। कलेक्टर ने बताया कि भूकंप से बिल्डिंग गिरने के कारण मलबे में दबने और छत पर फंसे लोगों को बचाने का अभ्यास किया गया। इसमें एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस, मेडिकल, पुलिस और होमगार्ड इन सभी ने मिलकर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हमारा रिस्पॉन्स टाइम अच्छा रहा। उन्होंने रेस्क्यू टीमों के तालमेल की सराहना की और भविष्य में इन कौशलों को और अधिक उन्नत करने के निर्देश दिए। बचाव और राहत कार्य का अभ्यास किया
एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट प्रवीण कुमार ने बताया कि एनडीआरएफ की तरफ से साल में एक बार हर जिले में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाता है। बुधवार को दौसा में भूकंप के संबंध में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें भूकंप के दौरान बिल्डिंग्स के गिरने और लोगों के नुकसान होने पर उनके बचाव और राहत कार्य को अंजाम देने का अभ्यास किया गया। उन्होंने बताया कि यहां पर क्रिएट किए गए सीन में पांच लोगों के दबे होने की सूचना थी। उनको सभी एजेंसीज ने मिलकर जल्द से जल्द रेस्क्यू किया और सबको वहां से निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया गया। इस दौरान एएसपी हेमन्त कलाल, एडीएम अरविन्द शर्मा, एसडीएम संजू मीणा, नगर परिषद आयुक्त कमलेश मीणा, यूआईटी सचिव मूलचंद लूणिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। आईओसीएल पाइपलाइन लीकेज की भी मॉक ड्रिल
इसी प्रकार नांगल क्षेत्र के रामथला गांव में आईओसीएल द्वारा मॉक ड्रिल की गई। इसमें भूमिगत पेट्रोलियम पाइप लाइन में संभावित लीकेज या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कंपनी और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों एवं समन्वय को परखा गया। जिसमें मेडिकल, आईओसीएल की अपनी टीम और फायर ब्रिगेड ने मिलकर अभ्यास को पूरा किया।

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