द सेक्रेड अमृतसर 2026 महोत्सव की शुरुआत ऊषा उथुप के यादगार प्रदर्शन से हुई। इस मौके उनकी बेमिसाल आवाज और मंच पर उनकी सम्मोहक उपस्थिति ने भावपूर्ण सप्ताहांत की नींव रखी । जितनी देर ऊषा मंच पर रही, लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया और उनको सुन रहे लोग नाचते गाते नजर आए। अपने सबसे चर्चित गीत ओ डार्लिंग के ऊषा ने जैसा ही शाम का समापन किया, दर्शक उनकी गायकी की पूरी तरह दीवाने हो चुके थे। दिन की शुरुआत सरोवर प्रीमियर में शांत सुबह के रागों से हुई, जहां आस्था मंडले की शास्त्रीय प्रस्तुति ने तबला, हारमोनियम और सरोद के साथ एक शांत और चिंतनशील वातावरण बनाया। इसके बाद कार्तिकेय वशिष्ठ और मकरंद सैनन द्वारा भारतीय शास्त्रीय बांसुरी और ताल वाद्य की मनमोहक प्रस्तुति हुई, जिसने संगीत शैलियों के विविध संयोजन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्सव का चिंतनशील पहलू ‘परलोक: हमारे आसपास के भूत’ नामक विचारोत्तेजक सत्र के माध्यम से जीवंत हो उठा, जिसमें संजय के रॉय ने एरिक चोपड़ा के साथ संवाद किया और दर्शकों को स्मृति, आध्यात्मिकता और अदृश्य जगत पर एक दिलचस्प संवाद में शामिल किया।


