धनबाद नगर निगम चुनाव में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह ने बुधवार को महापौर पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। उनके नामांकन के साथ ही नगर निगम चुनाव पूरी तरह चुनावी रंग में रंग गया है। संजीव सिंह के मैदान में उतरते ही धनबाद की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और चुनावी मुकाबला दिलचस्प होता नजर आने लगा है। समर्थकों की मौजूदगी और हलचल भरे माहौल के बीच नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई। माना जा रहा है कि उनके नामांकन से मेयर पद की लड़ाई अब सीधी न रहकर बहुकोणीय रूप ले चुकी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव लड़ने की घोषणा नामांकन से एक दिन पहले मंगलवार देर शाम संजीव सिंह ने अपने आवास सिंह मेंशन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महापौर पद का चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि धनबाद नगर निगम का चुनाव किसी एक दल का नहीं, बल्कि जनता से जुड़ा चुनाव है। यह चुनाव दलगत आधार पर नहीं हो रहा है, बल्कि शहर के विकास और जनहित से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव में कोई भी योग्य उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर सकता है और जनता के बीच जाकर अपनी बात रख सकता है। भाजपा समर्थन के सवाल पर दिया बयान भाजपा द्वारा महापौर पद के लिए संजीव अग्रवाल को समर्थन दिए जाने के सवाल पर संजीव सिंह ने साफ कहा कि इस चुनाव में किसी एक पार्टी का वर्चस्व नहीं है। उन्होंने कहा कि अंततः जनता ही तय करेगी कि धनबाद का अगला मेयर कौन होगा। सिंह ने विश्वास जताया कि मतदाता विकास, बुनियादी सुविधाओं और शहर की समस्याओं को ध्यान में रखकर मतदान करेंगे। उनका कहना था कि धनबाद को बेहतर नगर निगम प्रशासन की जरूरत है और जनता सही विकल्प चुनेगी। त्रिकोणीय मुकाबले के आसार, बढ़ी हलचल बुधवार को नामांकन का अंतिम दिन है। भाजपा समर्थित प्रत्याशी संजीव अग्रवाल भी आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे। वहीं, पूर्व महापौर चंद्रशेखर अग्रवाल के भी चुनावी मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संजीव सिंह के चुनाव में आने से मुकाबला और रोचक हो गया है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे प्रचार तेज होगा, धनबाद नगर निगम चुनाव के सियासी समीकरण और साफ होते जाएंगे। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जनता किस चेहरे पर भरोसा जताती है।


