छत्तीसगढ़ के धमतरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई। कांग्रेसियों का आरोप है कि प्रधानमंत्री का नाम एपस्टीन फाइल में शामिल है और एआई समिट को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष पर की गई कार्रवाई के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया। धमतरी जिले के विवेकानंद वार्ड स्थित भाजपा कार्यालय तक कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे, जिन्हें पार करने की कोशिश में कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप था कि एआई समिट के संबंध में राष्ट्रीय अध्यक्ष पर कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही, उनका दावा है कि एपस्टीन फाइल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम सामने आया है, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने बताया कि एपस्टीन फाइल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सहयोगियों के नाम सामने आए हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ नरेंद्र मोदी का कोई समझौता हुआ है और देश में बढ़ती महंगाई से जनता परेशान है, जिसके खिलाफ राहुल गांधी लड़ाई लड़ रहे हैं। चंद्राकर ने कहा कि जब तक इस मामले की जांच नहीं होगी, तब तक वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष राजा देवांगन ने बताया कि दिल्ली में चल रहे एआई समिट कार्यक्रम के विरोध में प्रदर्शन किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप के सामने ‘सरेंडर’ हो जाते हैं। देवांगन ने यह भी कहा कि इस विरोध प्रदर्शन के बाद घबराई हुई सरकार ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पर देशद्रोही का आरोप लगाकर कार्रवाई की, जिसके विरोध में यह घेराव किया गया।


