धमतरी में समाधान शिविर:नामांतरण के लिए 4 हजार रुपए मांगने की शिकायत, 2000 आवेदनों में 15 लंबित

छत्तीसगढ़ के धमतरी में बुधवार को इंडोर स्टेडियम में 20 वार्डों के लिए समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कलेक्टर, महापौर, आयुक्त और उपायुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शिविर में कुल 2000 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 1900 आवेदन मांग से संबंधित थे। अधिकांश आवेदनों का निराकरण कर दिया गया है। केवल 15 आवेदन अभी लंबित हैं। शिविर में एक गंभीर शिकायत सामने आई। शिवा प्रधान नामक व्यक्ति ने जमीन नामांतरण के लिए पैसों की मांग का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पटवारी कार्यालय के एक कर्मचारी ने उनसे 4 हजार रुपये की मांग की। कर्मचारी ने कहा कि यह राशि पटवारी और तहसीलदार को देनी होगी। महापौर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल भी लगाए गए। इससे पहले पुरानी मंडी में अन्य 20 वार्डों के लिए समाधान शिविर का आयोजन किया जा चुका है। शिविर में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए गए। दोनों शिविरों में लगभग 98% मामलों का समाधान धमतरी नगर निगम द्वारा आयोजित समाधान शिविर के दूसरे चरण में शहर के 20 वार्डों को शामिल किया गया। यह शिविर इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया, जहां सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिकों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। महापौर रामु रोहरा ने बताया कि नगर निगम द्वारा आयोजित दोनों शिविरों में कुल मिलाकर लगभग 98% मामलों का समाधान किया जा चुका है। रिश्वत मांगने की शिकायत पर जांच के बाद होगी कार्रवाई महापौर ने यह भी कहा कि जिन कुछ मामलों का निराकरण फिलहाल नहीं हो पाया है, उन्हें जल्द ही सुलझाकर आवेदकों के घर तक समाधान की जानकारी पहुंचाई जाएगी। साथ ही, उन्होंने जमीन नामांतरण के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समाधान शिविर में मिले 2,000 आवेदन कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने भी समाधान शिविर की समीक्षा करते हुए बताया कि कुल 2,000 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 1,900 आवेदन विभिन्न मांगों से संबंधित थे। अब तक इनमें से अधिकांश का निराकरण कर दिया गया है, केवल 15 आवेदन शेष हैं, जिन्हें जल्द सुलझा लिया जाएगा। लेन-देन की शिकायत पर उन्होंने भी निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया और कहा कि सरकारी प्रक्रिया के तहत ही सभी काम होंगे। शिविर में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई शिविर के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए गोद भराई कार्यक्रम और अन्नप्राशन आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर महिलाओं को पौष्टिक आहार देकर सम्मानित किया गया और छोटे बच्चों को पोषण आहार देकर अन्नप्राशन की रस्म पूरी की गई। यह पहल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रहा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *