कांगड़ा जिले के थाना नगरोटा बगवां क्षेत्र में धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरे मामले में बेचा गया वाहन हरियाणा से बरामद कर लिया गया है। दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच जारी है। पहले मामले में, गांव घोड़व, डाकघर भदरेहड़ निवासी 22 वर्षीय अक्षित महाजन ने 17 जनवरी 2026 को शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि ऊना जिला के बंगाणा तहसील के थाना कलां निवासी 31 वर्षीय अमित खन्ना, जो पालमपुर में “Yatra Yaadain” नाम से टूर एंड ट्रैवल व इवेंट का व्यवसाय चलाता था, ने उन्हें व्यवसाय में साझेदारी का झांसा दिया। निवेश के नाम पर हड़पे रुपए अमित खन्ना ने 26 सितंबर 2025 से 6 दिसंबर 2025 के बीच अक्षित से 26 लाख 60 हजार 500 रुपए निवेश के तौर पर लिए। आरोपी ने 6 महीने में 30 लाख रुपए लौटाने का आश्वासन दिया और विश्वास जीतने के लिए 5 लाख 24 हजार 999 रुपए आंशिक रूप से वापस भी किए। इसके बाद उसने मोबाइल फोन बंद कर संपर्क समाप्त कर दिया। शिकायत पर थाना नगरोटा बगवां में अभियोग संख्या 12/2026 दर्ज किया गया। मामले की तकनीकी जांच, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और विभिन्न राज्यों में दबिश के बाद पुलिस टीम ने 25 फरवरी 2026 को आरोपी अमित खन्ना को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी वहां विलासितापूर्ण जीवन व्यतीत कर रहा था। उसे पुलिस रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ जारी है। वाहन को फरीदाबाद से किया बरामद दूसरे मामले में, गांव सुराणी निवासी 62 वर्षीय धर्म चंद ने 11 फरवरी 2026 को शिकायत दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना वाहन HP-94-9616 बिलासपुर निवासी राजीव कुमार को 13.20 लाख रुपए में बेचा था। राजीव कुमार ने भुगतान के लिए एचडीएफसी बैंक, मंडी (सरकाघाट) शाखा का एक चेक दिया। जब धर्म चंद ने यह चेक बैंक में प्रस्तुत किया, तो वह “एकाउंट ब्लॉक” टिप्पणी के साथ अनादृत हो गया। पुलिस ने यह वाहन हरियाणा से बरामद कर लिया है। आरोपी द्वारा नकद भुगतान से भी इंकार किए जाने पर थाना नगरोटा बगवां में अभियोग संख्या 20/2026 दर्ज किया गया। मामले में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हरियाणा में दबिश दी और वाहन को फरीदाबाद से बरामद कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।


