राजस्थान सरकार की ओर से अवैध धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून बनाने के फैसले का विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने स्वागत किया है। विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने जयपुर में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान अवैध धर्मांतरण कानून समय की आवश्यकता बताया। डॉ. जैन ने कहा कि राजस्थान, जिसे राणा सांगा और महाराणा प्रताप जैसे वीरों की धरती माना जाता है, वहां धर्मांतरण के षड्यंत्र लंबे समय से समाज को प्रभावित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण न केवल धार्मिक आस्थाओं पर आघात करता है, बल्कि हिंदू धर्म का अपमान भी है। उन्होंने इसे विभाजन और स्वतंत्रता के बाद हिंदू समाज पर हुए अत्याचारों का कारण बताया। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार
डॉ. जैन ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चिंता जताते हुए कहा कि ये नरसंहार की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने इसे मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचारों का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत में कुछ लोग, जो छोटी घटनाओं पर आवाज उठाते हैं, बांग्लादेश के हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर मौन हैं। दरगाह शरीफ और मेवात पर टिप्पणी
डॉ. जैन ने अजमेर दरगाह शरीफ के मुद्दे पर कहा कि वहां के इतिहास और साक्ष्यों को न्यायपालिका के निर्णय तक सम्मान दिया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने दरगाह से जुड़े कुछ खादिमों के बयानों को आपत्तिजनक बताते हुए सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मेवात में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और गौ-हत्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह क्षेत्र भगवान कृष्ण की क्रीड़ास्थली रहा है और यहां सह-अस्तित्व की भावना विकसित की जानी चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद ने धर्मांतरण में संलिप्त जिहादी और मिशनरी संस्थाओं को चेतावनी दी कि वे अपने धार्मिक कार्यों तक सीमित रहें। विहिप ने कहा कि राजस्थान में अब धर्मांतरण और “लव जिहाद” को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।विहिप ने राजस्थान सरकार से बांग्लादेशी घुसपैठियों पर सख्त कार्रवाई करने और हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचारों को रोकने की अपील की।


