लोगों और पक्षियों की सुरक्षा एवं बिजली सप्लाई सुचारु बनाए रखने को लेकर कलेक्टर सौम्या झा ने धातु निर्मित मांझे को जिले में पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। यानी इस मांझे को ना तो दुकानदार बेच पाएगा और ना ही इस मांझे से पतंगबाजी कर सकेगा। साथ ही सुबह शाम दो-दो घंटे पतंगबाजी पर भी रोक लगा दी है। कलेक्टर की इस पहल को कई सामाजिक संगठन और पक्षी प्रेमियों ने खुशी जाहिर की है। ज्ञात रहे कि इस मामले को लेकर लोगों ने गत दिनों कलेक्टर डॉक्टर सौम्या झा को ज्ञापन दिया था। कलेक्टर ने धातु निर्मित मांझे पर पूर्ण रूप से और सुबह 6 से 8 और शाम पांच से सात बजे ते दो-दो घंटे पतंगबाजी पर भी रोक लगाई है क्योंकि पक्षर सुबह-शाम आसमान में उड़ान भरते हैं। यह आदेश 31 जनवरी 2025 तक प्रभावी रहेगा। आदेश की अवहेलना करने वाले पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंडित करने की कार्रवाई की जाएगी। लोक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं पशु पक्षियों की जान के खतरे तथा बिजली सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट डॉ. सौम्या झा ने धातु निर्मित मांझे (पतंग उड़ाने के लिए पक्का धागा, नायलॉन, प्लास्टिक मांझा, चाइनीज मांझा जो सिंथेटिक, टॉक्सिक मटेरियल, आयरन पाउडर, ग्लास पाउडर का बना हो) के थोक एवं खुदरा बिक्री तथा उपयोग को टोंक जिले की राजस्व सीमा में प्रतिबंधित करने के आदेश जारी किए हैं।


