धान-खरीदी में किसानों से अवैध-वसूली…2-केंद्रों के फड़ प्रभारी सस्पेंड:तौलाई के बहाने हमालों को बनाया मोहरा, किसानों से प्रति-बोरी वसूले 5-6 रुपए एक्स्ट्रा, प्राधिकृत अधिकारी भी हटाए गए

बिलासपुर में धान खरीदी केंद्रों में तय मापदंड से अधिक धान लेने का मामला सामने आया है। अनियमितता की शिकायत पर कलेक्टर के निर्देश पर दो केंद्रों के फड़ प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, दोनों समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों को पद से हटा दिया गया है। इन केंद्रों में हमालों को अवैध वसूली का जरिया बनाकर किसानों से 5-6 रुपए अतिरिक्त यानी की दो से तीन किलो ज्यादा धान लिए जा रहे थे। मामला घुटकू और गतौरा खरीदी केंद्र का है। दरअसल, कलेक्टर संजय अग्रवाल ने धान खरीदी केंद्रों में किसानों की समस्या और अव्यवस्था को लेकर सख्त हिदायत दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि खरीदी केंद्रों में किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान जिले के कई केंद्रों में किसानों से तय मापदंड से ज्यादा धान तौलाने की जानकारी सामने आई। वहीं, कुछ जगहों पर निर्धारित मात्रा से अधिक धान लेने की शिकायत भी की गई। हमालों को बनाया अवैध वसूली का जरिया
घुटकू और गतौरा के धान खरीदी केंद्रों में किसानों का जमकर शोषण किया जा रहा था। शासन द्वारा 40 किलो 700 ग्राम धान लेने का मापदंड निर्धारित किया गया है, लेकिन घुटकू एवं मस्तूरी विकासखंड की गतौरा समिति में किसानों से प्रति बोरा 2 से 3 किलो तक अधिक धान लिया जा रहा था। इसके अलावा धान तौलने के नाम पर हमालों द्वारा प्रति बोरा 5 से 6 रुपये अतिरिक्त वसूली की शिकायत मिली थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई की गई। खरीदी केंद्र गतौरा के फड़ प्रभारी लव कुमार यादव, बारदाना प्रभारी शैलेश राठौर, कंप्यूटर ऑपरेटर हुलेश्वर धीरही, प्राधिकृत अधिकारी राजेन्द्र राठौर को उनके पदों से हटा दिया है। वहीं, घुटकू धान खरीदी केंद्र में प्राधिकृत अधिकारी दुर्गेश रजक और फड़ एवं बारदाना प्रभारी मुकेश कुमार लोनिया द्वारा आपसी साठगांठ कर किसानों के शेष बचे रकबे में अवैध रूप से धान खपाने का मामला सामने आया। इस पर मुकेश कुमार लोनिया को निलंबित कर दिया गया है, जबकि प्राधिकृत अधिकारी दुर्गेश रजक को पद से हटा दिया गया है। पहले भी हो चुकी है एफआईआर और सस्पेंशन
बता दें कि इससे पहले एरमशाही धान खरीदी केंद्र में अनियमितता पाए जाने पर संस्था प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वहीं गुमा, चपोरा, पिपरतराई, देवरी एवं पौड़ी (करनकापा) धान खरीदी केंद्रों में कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। लगातार सख्ती और कार्रवाई के बाद भी धान खरीदी केंद्रों में मनमानी और किसानों से अवैध वसूली बंद नहीं हो रही है।

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