धान खरीद में बिचौलियों को रोकने के लिए बनी 5 उड़नदस्ता टीम, जांच शुरू

राज्य में 696 धान क्रय केंद्रों पर 15 दिसंबर 2024 से धान खरीद की शुरुआत हो चुकी है। पहले दिन 388 किसानों से 24,726 क्विंटल धान की खरीदारी की गई। वहीं, आठ जनवरी यानि बुधवार तक 13963 किसानों से 8,20,259.4 क्विंटल धान की खरीदारी हो चुकी है। इस बार राज्य के किसानों से 60 लाख क्विंटल धान खरीदारी का लक्ष्य तय किया है। लेकिन, धान खरीदारी के दौरान राज्य में कई जगहों पर बिचौलियों के हावी होने की शिका​यत भी मिल रही थी, इसे खाद्य आपूर्ति विभाग ने गंभीरता से लिया है। धान खरीद में बिचौलिया को रोकने के लिए विभाग ने पांच उड़नदस्ता टीम का किया गठन किया है। रांची, रामगढ़ आैर पलामू जिले में उड़नदस्ता दल (फ्लाइंग स्क्वॉड) ने जांच और निरीक्षण कार्य शुरू कर दिया है। खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि खरीफ विपणन मौसम 2024-25 में धान खरीद का कार्य चल रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ प्रदान कर उनकी आय में बढ़ोतरी करना है। योजना का लाभ वास्तविक किसानों को प्रदान करने, बेहतर तरीके से क्रियान्वयन एवं बिचौलियागिरी को समाप्त करने को लेकर योजना का सतत मॉनिटरिंग आवश्यक है। योजना की मॉनिटरिंग एवं क्रय किए गए धान के भौतिक सत्यापन के लिए विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर रखा है। इसी के अनुसार उड़नदस्ता टीम अपना कार्य करेगा। एमएसपी व बोनस मिलाकर मिल रहे प्रति क्विंटल 2500 रु. किसानों से प्राप्त किए जानेवाले धान के बदले 50% राशि का भुगतान 48 घंटे और शेष राशि का भुगतान राइस मिल पहुंचने पर किया जाने का प्रावधान है। इस बार अब तक राज्य के 2 लाख 39 हजार 671 किसानों का धान खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन हुआ है। इस बार किसानों को धान के लिए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2300 रुपए और बोनस 100 रुपए मिलना था। लेकिन, खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बोनस को 100 के बदले 200 रुपए कर दिया है। इससे अब किसानों को एमएसपी आैर बोनस समेत प्रति क्विंटल 2500 रुपए मिल रहे हैं। उड़नदस्ता टीम को जांच के बाद फॉर्म में भरनी होगी जानकारी धान अधिप्राप्ति केंद्र, सीएमआर प्राप्ति केंद्र, जिला द्वारा धान भंडारण के लिए चयनित गोदाम, संबद्ध राइस मिल आैर जिला प्रबंधन राज्य खाद्य निगम कार्यालय की जांच के लिए अलग- अलग जांच फॉर्म जारी किया गया है। उड़नदस्ता दल को जांच के बाद विस्तृत जानकारी फॉर्म में भरनी होगी। वहीं, धान बिक्री करने वाले कम से कम 5 किसानों के फोन नंबर पर संपर्क कर संबंधित केंद्र द्वारा सही मात्रा में धान खरीद की संपुष्टि कर इससे संबंधित रिपोर्ट भी देनी होगी। इसी तरह से अन्य केंद्रों की भी जांच करने आैर विवरण भरने को कहा गया है। इसके आधार पर ही उड़नदस्ता द्वारा रिपोर्ट तैयार की जाएगी। समय-समय पर जिलों का किया जाएगा औचक निरीक्षण विभागीय निर्देश के अनुसार, उड़नदस्ता दल समय-समय पर जिलों का औचक निरीक्षक करेगा। इस दौरान धान खरीद केंद्रों द्वारा ई-उपार्जन पोर्टल के अनुसार अंकित धान की मात्रा के अनुरूप धान की उपलब्धता, किसानों से सही मात्रा (वजन) में धान की खरीद, विभागीय प्रावधान के आलोक में किसानों को ससमय भुगतान, सीएमआर (उसना चावल) प्राप्ति केंद्रों पर रखे गए सीएमआर की मात्रा एवं गुणवत्ता, रख-रखाव तथा धान क्रय एवं सीएमआर से संबंधित सभी पहलुओं की जांच उड़नदस्ता दल करेगा। उड़नदस्ता टीम में ये अफसर उड़नदस्ता-1 : अरविन्द कुमार सिंह (उप सचिव) और प्रशांत झा, (सहायक प्रशाखा पदाधिकारी) उड़नदस्ता-2 : जेसी विनीता केरकेट्टा (उप सचिव) और कृष्ण कुमार राम (प्रशाखा पदाधिकारी) उड़नदस्ता-3 : लालो प्रसाद कुशवाहा (अवर सचिव) और सुभाष चन्द्र एक्का, (प्रशाखा पदाधिकारी) उड़नदस्ता-4 : संजय कुमार(अवर सचिव) और कुमार रवि भूषण (प्रशाखा पदाधिकारी) उड़नदस्ता-5 : सुशील कुमार (अवर सचिव) और खेला राम माहली (प्रशाखा पदाधिकारी)

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