भास्कर न्यूज | अमृतसर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का सालाना बजट इजलास 28 मार्च को दोपहर 12 बजे से एसजीपीसी मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। यह फैसला शुक्रवार को एसजीपीसी कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। इससे पहले प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने बजट सब-कमेटी के साथ बैठक कर बजट तैयारियों की समीक्षा की। धामी ने बताया कि बजट सेशन के दौरान शिरोमणि कमेटी गुरुद्वारा साहिबान, ट्रस्ट डिपार्टमेंट, जनरल बोर्ड फंड, एजुकेशनल अदारे, प्रिंटिंग प्रेस, धर्म प्रचार कमेटी, सिख हिस्ट्री रिसर्च बोर्ड इत्यादि का सालाना बजट पास किया जाएगा, साथ ही शिरोमणि कमेटी द्वारा भविष्य में किए जाने वाले कामों पर भी चर्चा होगी। गौरतलब है कि पिछले साल एसजीपीसी का बजट 1387.47 करोड़ रुपए था जिसमें 10 प्रतिशत तक बढ़ौतरी की उम्मीद है। धामी ने कहा कि एक चैनल की ओर शिरोमणि कमेटी के बकाए के बारे में गलत प्रोपेगैंडा फैलाया जा रहा है। कमेटी ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था और श्री अकाल तख्त साहिब के पत्र की रोशनी में संगत की मांग और भावनाओं के अनुसार पीटीसी चैनल पर गुरबानी का ब्रॉडकास्ट जारी रखने का फैसला किया गया था। उन्होंने साफ किया कि चैनल चलाने के लिए अलग-अलग कंपनियों से बातचीत हुई थी, जिसमें महीने के खर्च के लिए बड़ी रकम मांगी गई थी। पीटीसी चैनल अपना सेटअप लगाकर बिना किसी खर्च के शिरोमणि कमेटी का वेब चैनल चला रहा है। शिरोमणि कमेटी अपने सैटेलाइट चैनल को चलाने के लिए भी लगातार काम कर रही है। बैठक में एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, जूनियर उपाध्यक्ष . बलदेव सिंह कल्याण, महासचिव शेर सिंह मंडवाला, मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मनन, सदस्य सुरजीत सिंह गढ़ी, सुरजीत सिंह तुगलवाल, ओएसडी सतबीर सिंह, सचिव बलविंदर सिंह काहलवां आदि शामिल थे। धामी ने कहा कि देश के महान शहीद भाई तारा सिंह जी की 300वीं शहादत शताब्दी के मौके पर एसजीपीसी सिख संगत के साथ मिलकर 11 से 14 मार्च तक गांव वान, जिला तरनतारन में विशेष समागम करवाएगी, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। धामी ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों में कानून लागू करवाने के लिए समाना में भाई गुरजीत सिंह पिछले डेढ़ साल से पानी की टंकी पर चढ़कर आंदोलन जारी रखे हुए हैं। अब समय आ गया है कि आप सरकार को बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाना चाहिए। एसजीपीसी हमेशा बेअदबी के मुद्दे पर सख्त कानून बनाने की पक्षधर है। सभी धर्म और धार्मिक ग्रंथ सम्मानजनक है।


