धार और आसपास के ग्रामीण अंचलों में गर्मी का असर दिखने लगा है। पिछले तीन-चार दिनों से तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे दोपहर में तेज गर्मी महसूस हो रही है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह की हल्की ठंडक अब खत्म हो चुकी है और दिन बढ़ने के साथ ही सूरज की तपिश तेज हो रही है। मार्च के शुरुआती दिनों से ही तेज गर्मी
दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। बाजारों में भी ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। लोग आवश्यक कार्य निपटाकर जल्द घर लौटना पसंद कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और मजदूरों को खेतों में काम करने में कठिनाई हो रही है। तेज धूप से बचने के लिए वे सिर ढककर और पानी की बोतल साथ लेकर खेतों में जा रहे हैं। पशुपालक भी अपने मवेशियों के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं। मौसमी बिमारियों से बचाव के लिए सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लू और डिहाइड्रेशन के खतरे के प्रति आगाह किया है। उन्होंने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा दोपहर 12 से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मौसम के इस बदलाव से स्पष्ट है कि सर्दी का मौसम समाप्त हो चुका है और गर्मी ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। यदि तापमान में इसी तरह वृद्धि जारी रही, तो आने वाले दिनों में पारा और ऊपर जा सकता है।


