झाबुआ जिले के कालीदेवी, कडरावद और फतीपुरा गांवों के कई मजदूरों ने धार और झाबुआ कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपकर टांडा रेंज के नाकेदार निर्मल डावर और अन्य अधिकारियों पर 9,45,060 रुपये की मजदूरी हड़पने का आरोप लगाया है। गड्ढे खोदने और निंदाई का काम पूरा किया मजदूरों ने बताया कि उन्होंने ग्राम ढाकनवाड़ी में वन विभाग के तहत गड्ढे खोदने, थाला बनाने और निंदाई का काम किया था। इस काम की कुल मजदूरी 9,45,060 रुपये बनती है। आरोप है कि काम पूरा होने के बाद भी उन्हें भुगतान नहीं किया गया। पैसे मांगने पर अपमान और धमकी का आरोप पीड़ित मजदूरों का कहना है कि जब वे अपनी मजदूरी लेने रेंज कार्यालय गए, तो उन्हें अपमानित कर भगा दिया गया। उन्होंने कहा कि नाकेदार ने उनके फोन ब्लैकलिस्ट कर दिए हैं और पैसे मांगने पर उनके और उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मजदूरों ने अधिकारियों पर जातिसूचक शब्दों का उपयोग करने का भी आरोप लगाया है। शिकायत करने पर दबाव और बयान मजदूरों का यह भी आरोप है कि अधिकारियों ने सत्ता का रौब दिखाते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री या कलेक्टर से शिकायत कर लें, उन पर किसी का असर नहीं होगा। आदिवासी समाज से आने वाले मजदूरों ने बताया कि मजदूरी न मिलने से उनके परिवारों के भरण-पोषण और बच्चों की देखभाल में कठिनाई हो रही है। पिछली मुलाकात में पैसा नहीं मिला मजदूरों ने कहा कि 10 दिसंबर 2025 को जब वे अधिकारियों से मिलने गए थे, तब भी उन्हें भुगतान से साफ इनकार कर दिया गया था। अब न्याय की गुहार अब मजदूर न्याय की गुहार लेकर झाबुआ कलेक्टर के पास पहुंचे हैं। उन्होंने 9,45,060 रुपये की बकाया राशि तुरंत दिलाने और अभद्र व्यवहार तथा जातिसूचक गालियां देने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


