धार जिले की नौगांव थाना पुलिस ने IBPS क्लर्क भर्ती परीक्षा में हुए एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। यह मामला उस समय सामने आया, जब बैंक में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के दौरान एक अभ्यर्थी के स्थान पर कोई और व्यक्ति मौजूद पाया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी फोटो एडिटिंग कर दूसरों के नाम से परीक्षा देता था और चयन के बाद बैंक में नौकरी तक जॉइन करवा देता था। बायोमेट्रिक जांच में पकड़ाया फर्जी अभ्यर्थी
नौगांव थाना प्रभारी के अनुसार, यह कार्रवाई बैंक ऑफ इंडिया के उप आंचलिक प्रबंधक अरुण कुमार जैन की शिकायत पर की गई।6 जनवरी 2026 को धार स्थित बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक कार्यालय में बायोमेट्रिक जांच के दौरान पंकज मीणा के स्थान पर एक अन्य व्यक्ति उपस्थित हुआ। बायोमेट्रिक मिलान नहीं होने पर संदेह हुआ। पूछताछ के दौरान आरोपी भागने लगा, लेकिन मौके पर ही पकड़ लिया गया। फोटो एडिटिंग कर देता था परीक्षा, नौकरी तक कराई जॉइन
पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम शुभम गुप्ता (निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सिरसा, जिला हिसार, हरियाणा) बताया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने के नाम से आवेदन पत्रों में फोटो एडिटिंग कर स्वयं IBPS क्लर्क परीक्षा दी थी। चयन होने के बाद दोनों को अलग-अलग बैंकों में क्लर्क पद पर नौकरी भी जॉइन कराई गई। 6 से 8 लाख रुपये में होता था सौदा
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी रूकाम मीणा (निवासी करौली, राजस्थान) के साथ मिलकर वर्ष 2021-22 से इस तरह का फर्जीवाड़ा कर रहे थे।गिरोह प्रति अभ्यर्थी 6 से 8 लाख रुपये लेकर परीक्षा दिलवाने और चयन कराने का काम करता था। दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
धार पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर और सीएसपी धार सुजावल जग्गा के मार्गदर्शन में नौगांव पुलिस ने इन दोनों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस रिमांड पर आरोपी, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस संगठित गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।इस पूरी कार्रवाई में नौगांव थाना प्रभारी हिरुसिंह रावत और नौगांव पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


