धीरेंद्र शास्त्री ने चुकाया पंडित प्रदीप मिश्रा का कर्जा:शिवराज को राघवजी की नसीहत, गुटबाजी दूर करें; सरकार को कुत्तों की चुनौती

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। अंदर कुत्तों पर चर्चा, बाहर घूमते नजर आए कुत्ते
मध्य प्रदेश विधानसभा में आवारा कुत्तों के आतंक को लेकर चर्चा की जा रही थी। इसी दौरान विधानसभा परिसर में कुत्ते बेरोक-टोक घूमते नजर आए। सदन के गेट तक आ गए। ऐसा लगा मानो वे सरकार को खुली चुनौती दे रहे हों कि जो करना हो, कर लो। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने राजधानी में बेखौफ घूम रहे आवारा कुत्तों का मुद्दा सदन में उठाया और सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। जवाब में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण और नियंत्रण को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इधर, इस चर्चा के बीच सागर से एक तस्वीर सामने आई, जिसमें जिला अस्पताल में एक कुत्ता मरीज के बेड पर आराम फरमाता नजर आया। उसी वार्ड में आसपास के बेड पर मरीज इलाज के लिए लेटे दिखे। वहीं, कुछ दिन पहले रतलाम से भी एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें एक कुत्ता कलेक्टर कक्ष तक घूमता नजर आया था। खरी बात यह है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और लोगों को काटने की घटनाएं एक गंभीर समस्या बन चुकी हैं। इसके बावजूद कुत्ते बेखौफ नजर आ रहे हैं और उनके सामने सिस्टम लाचार दिखाई दे रहा है। आमंत्रण पत्र में वीडी शर्मा को बताया प्रदेश अध्यक्ष
खजुराहो नगर परिषद से जुड़ी एक चूक सामने आई है। नगर परिषद ने महाशिवरात्रि पर आयोजित शिव-बारात कार्यक्रम के लिए जो आमंत्रण पत्र छपवाए, उनमें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित सांसद वीडी शर्मा को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बताया गया। हालांकि, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बदले हुए करीब सात महीने हो चुके हैं। वीडी शर्मा के बाद हेमंत खंडेलवाल को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया जा चुका है। इस गलती के सामने आने के बाद अब लोग इस पर चटकारे ले रहे हैं। चर्चाएं हो रही हैं कि क्या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की जानकारी खजुराहो तक नहीं पहुंची, या फिर यहां के नेता अपने सांसद और पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा को ही अब भी अपना अध्यक्ष मान रहे हैं। पूर्व मंत्री ने भाजपा की एकजुटता के दावे की पोल खोली
पूर्व मंत्री राघव जी भाई ने विदिशा में भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी को सार्वजनिक कर दिया है। उन्होंने कहा कि यहां पार्टी अब पहले जैसी व्यवस्थित नहीं रह गई है। गुटबाजी बढ़ गई है, नेताओं के बीच तालमेल की कमी है और कोई किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है। इस मुद्दे पर राघव जी भाई ने शिवराज सिंह चौहान को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि शिवराज जी को इस स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और यदि वे चाहें तो गुटबाजी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अब शिवराज सिंह चौहान इस पर कितना ध्यान देते हैं, यह देखने वाली बात होगी। लेकिन पूर्व मंत्री के इन बयानों ने भाजपा की एकजुटता के दावों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। वैसे चर्चा यह भी है कि राघव जी भाई अपनी बेटी को आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने के लिए अभी से राजनीतिक फिल्डिंग में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा है कि इस गुटबाजी का असर उनकी बेटी पर नहीं है। पंडित प्रदीप मिश्रा और पंडित धीरेंद्र शास्त्री की जुगलबंदी
पंडित प्रदीप मिश्रा और पंडित धीरेंद्र शास्त्री की जुगलबंदी एक बार फिर देखने को मिली। पंडित धीरेंद्र शास्त्री सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम पहुंचे, जहां दोनों कथावाचकों ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। इस दौरान कथा मंच से बोलते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्होंने पंडित प्रदीप मिश्रा का कर्जा चुका दिया है। उन्होंने बताया कि पहले पंडित प्रदीप मिश्रा बागेश्वर धाम आए थे और अब वे स्वयं कुबेरेश्वर धाम पहुंचे हैं। इतना ही नहीं, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने खुद को पंडित प्रदीप मिश्रा का छोटा भाई भी बताया। उन्होंने कहा कि वे वहीं जा रहे हैं, जहां पंडित प्रदीप मिश्रा पहले कथा कर चुके हैं, क्योंकि महाराज उनसे बड़े हैं और जहां बड़े जाते हैं, छोटे वहीं पहुंच जाते हैं। दरअसल, पंडित धीरेंद्र शास्त्री को ग्वालियर के डबरा में आयोजित नवग्रह शक्ति पीठ के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में कथा के लिए जाना था। हाल ही में पंडित प्रदीप मिश्रा भी वहां कथा कर चुके हैं। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), गौरव मिश्रा (खजुराहो), महेंद्र ठाकुर (सीहोर) ये भी पढ़ें –
सीएम को नीलकंठ बनने की सीख: भीड़ देखकर मंत्री विजयवर्गीय हैरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से एक बार फिर मंच पर मिस्टेक हो गई। वे पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम भूल गए और उन्हें नरोत्तम शर्मा कहकर संबोधित कर दिया। हालांकि, उन्होंने उसी क्षण गलती सुधार भी ली। इधर, कथा कर रहे कुमार विश्वास ने सीएम को नीलकंठ बनने की सीख दी। पूरी खबर पढ़ें

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