धुलंडी के अवसर पर इस साल भगवान मदनमोहन जी के झूला झांकी दर्शन श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को पड़ने वाले चंद्र ग्रहण और उसके सूतक काल के कारण मंदिर प्रबंधन ने झूला झांकी दर्शन स्थगित रखने का निर्णय लिया है। यह संयोग 122 वर्षों बाद बन रहा है, जब होली के दिन चंद्र ग्रहण पड़ रहा है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक 3 मार्च 2026 को प्रातः 6:45 बजे से शुरू होकर सायंकाल 6:47 बजे तक रहेगा। सूतक काल को देखते हुए 3 मार्च को भगवान मदन मोहन मंदिर में राधा-मदन मोहन जी की सेवाओं का समय परिवर्तित किया गया है। प्रातःकालीन सेवाओं में मंगला आरती प्रातः 4:00 बजे, धूप आरती प्रातः 4:30 बजे, श्रृंगार आरती प्रातः 5:00 बजे और राजभोग आरती प्रातः 5:50 बजे होगी। इसके बाद पट प्रातः 6:30 बजे मंगल कर दिए जाएंगे।
सायंकालीन सेवाओं में ग्रहण आरती सायं 7:45 बजे, धूप आरती रात्रि 8:10 बजे, संध्या आरती रात्रि 8:35 बजे, उल्लई झांकी रात्रि 8:50 बजे और शयन आरती रात्रि 9:25 बजे निर्धारित है। रात्रि 9:45 बजे पट मंगल किए जाएंगे। धुलंडी और होली पर्व को लेकर मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मंगला आरती और दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का हुड़दंग न करें और गुलाल के सिलेंडर न चलाएं। इसके साथ ही, मंदिर परिसर में रंग-गुलाल से होली न खेलने का आग्रह किया गया है। श्रद्धालुओं से कहा गया है कि यदि होली खेलनी हो तो केवल पुष्पों की होली खेलें, ताकि बुजुर्गों और बीमार श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या न हो। मंदिर प्रबंधक किशन पाल ने सभी भक्तों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे नियमों का पालन करें और पर्व को श्रद्धा, शांति तथा मर्यादा के साथ मनाएं।


