धौलपुर और करौली जिले में टाइगर रिजर्व परियोजना राजस्थान का पांचवा प्रोजेक्ट हैं। टाइगर रिजर्व परियोजना के विरोध में धौलपुर जिले के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन के जरिए पत्र भेजा है। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में ग्रामीणों ने बताया है कि धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व परियोजना से ग्रामीण भूमिहीन हो जाएंगे। पत्र में बताया गया है कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग जल, जंगल और जमीन के मालिक हैं। जिन्हें परियोजना के तहत उनके अधिकारों से बेदखल किया जा रहा हैं। जो संवैधानिक अधिकारों के प्रतिकूल हैं। पत्र में बताया गया है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग 90% कृषि और अन्य सहायक कार्यों पर निर्भर हैं। जिन्हें टाइगर रिजर्व परियोजना के दौरान बेदखल किया जा रहा हैं। पत्र में बताया गया है कि जिस जगह टाइगर रिजर्व परियोजना बनाई जा रही हैं। वहां पहले से ही लोग गरीबी में जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे में उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में ग्रामीणों ने धौलपुर करौली की जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित टाइगर रिजर्व सेंचुरी को निरस्त करने की मांग की हैं। ग्रामीणों ने करौली और धौलपुर जिले को संविधान की पांचवी अनुसूची में भी शामिल करने की मांग की हैं।


