धौलपुर जिला कलेक्टर श्रीनिधि बी.टी. ने शुक्रवार को शहर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान घंटाघर क्षेत्र में कचरे के ढेर में मेडिकल बायो-वेस्ट मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर सामान्य नागरिक की तरह शहर भ्रमण पर निकले थे। घंटाघर के पास उन्होंने देखा कि सफाई कर्मचारी सामान्य कचरे के साथ मेडिकल बायो-वेस्ट भी उठा रहे थे।
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही सफाई कर्मचारियों से जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा और यह भी जाना कि क्या उन्हें इस तरह के कचरे से कोई परेशानी होती है। ‘मेडिकल बायो-वेस्ट का सामान्य कचरे में मिलना एक गंभीर चूक’
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मेडिकल बायो-वेस्ट का सामान्य कचरे में मिलना एक गंभीर चूक है। उन्होंने घंटाघर रोड स्थित निजी अस्पतालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बायो-वेस्ट के कारण किसी सफाई कर्मचारी को कोई नुकसान होता है, तो संबंधित निजी अस्पतालों को इसका परिणाम भुगतना होगा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से भी कचरा प्रबंधन के संबंध में बातचीत की। उन्होंने शहर की स्वच्छता बनाए रखने में नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।


