धौलपुर में डकैती प्रभावित क्षेत्र से जुड़े 15 साल पुराने एक मामले में कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
विशिष्ट न्यायाधीश राकेश कुमार गोयल ने पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने के आरोपी डकैत केदार उर्फ ठेकेदार पुत्र फेरन निवासी भोलापुर, थाना बाड़ी को दोषी करार दिया है। साथ ही 10 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। यह मामला करीब 15 साल पहले चचोखर के जंगलों में पुलिस और डकैत केदार के गिरोह के बीच हुई मुठभेड़ से संबंधित है। उस दौरान डकैतों ने पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला किया था। इस घटना के संबंध में पुलिसकर्मी कैलाश चंद मीणा ने बसई डांग थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान डकैत केदार और उसके साथियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिससे पुलिसकर्मियों की जान को खतरा पैदा हो गया था। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया। लंबी न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। विशिष्ट लोक अभियोजक सतीश शर्मा ने बताया कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान और पुलिस अभिलेखों के आधार पर न्यायालय ने यह निर्णय सुनाया है। उन्होंने इस फैसले को डकैती प्रभावित क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश बताया।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला एक गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अर्थदंड की राशि अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।


