इंटरनेशनल ध्रुवपद धाम ट्रस्ट और रसमंजरी संगीत उपासना के तत्वावधान में 23 और 24 दिसंबर को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में “ध्रुवपद धरोहर विभूति समर्पण” के तहत 30वां अखिल भारतीय ध्रुवपद नाद-निनाद विरासत समारोह आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन राजस्थान के ध्रुवपदाचार्य पद्मश्री पं लक्ष्मण भट्ट तैलंग और कृष्ण भक्त शिरोमणि मीराबाई को समर्पित होगा। इस समारोह का आयोजन पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर और उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 5 बजे से शुरू होगा। ध्रुवपद गायकी की घरानेदार परंपरा को समर्पित यह समारोह, पंडित लक्ष्मण भट्ट तैलंग की ओर से स्थापित किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रो. विजयेंद्र गौतम और डॉ. श्याम सुंदर शर्मा, पंडित भट्ट के जीवन और योगदान पर संवाद करेंगे। इस अवसर पर रोहित बारोटिया की ओर से पंडित भट्ट पर एक डॉक्युमेंट्री प्रदर्शित की जाएगी। पंडित भट्ट की ओर से रचित राग कीरवानी में “गणेश स्तुति” और राग मीरा की मल्हार में “ध्रुवपद रचना” का प्रस्तुतीकरण होगा, जिसका निर्देशन उनकी शिष्या प्रो. डॉ. मधु भट्ट तैलंग करेंगी। पहले दिन, दिल्ली के पंडित डालचंद चंद शर्मा एकल पखावज वादन करेंगे। कानपुर के पंडित विनोद कुमार द्विवेदी और आयुष द्विवेदी ध्रुवपद गायन की जुगलबंदी प्रस्तुत करेंगे। दूसरे दिन, अजमेर के साहित्यकार डॉ. सुरेश बबलानी मीराबाई के जीवन पर प्रकाश डालेंगे। अवध घराने के पंडित राज खुशी राम और गोकुल के पंडित गोकुलेन्दु तैलंग ध्रुवपद रचनाओं की प्रस्तुति देंगे। भारत की एकमात्र महिला सारंगी वादक, दिल्ली की विदुषी गौरी बनर्जी, पुरुष कलाकारों के साथ संगत करेंगी।
पंडित डालचंद शर्मा, पंडित राज खुशी राम, पंडित विनोद द्विवेदी, और पंडित गोकुलेन्दु तैलंग को प्रदान किया जाएगा। डॉ. गोपाल शर्मा और डॉ. सुरेश बबलानी को साहित्य वांग्मय विभूति सम्मान प्रदान किया जाएगा। इसमें दिल्ली के पंडित मनमोहन नायक, मथुरा के डॉ. अंकित पारिख और ऐश्वर्य आर्य पखावज पर संगत करेंगे।


