नई घोषणाएं, पर कई पुरानी योजनाएं अबतक अधर में ही

राज्य में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश हो गया है। नई योजनाओं और विकास के वादों के बीच पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की कई प्रमुख घोषणाएं अब भी अधूरी हैं। सुरक्षा, पर्यटन, खनन और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों में घोषित परियोजनाएं अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकीं। न जेलों में 4जी जैमर लगे, न पर्यटन स्थलों पर ग्लास ब्रिज बने, न खनिज ब्लॉक नीलाम हुए और न ही धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो पाया। धान खरीद: 2025-26 में 60 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य तय है। अभी तक 40% ही हासिल हो सका है। इससे किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला और खरीद-भंडारण व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। खनन: राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से 18 खनिज ब्लॉक की नीलामी प्रस्तावित थी। प्रक्रियात्मक देरी और तैयारी अधूरी रहने से एक भी ब्लॉक की नीलामी नहीं हो सकी। इससे संभावित राजस्व संग्रह प्रभावित हुआ। जेल सुरक्षा: पिछले बजट में जेलों में 4जी जैमर और मोबाइल डिटेक्टर लगाने की घोषणा हुई थी। मकसद जेलों के भीतर अवैध मोबाइल उपयोग रोकना था। लेकिन तकनीकी मानकों के निर्धारण और टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण एक भी जेल में सिस्टम स्थापित नहीं हो सका। सुरक्षा सुदृढ़ीकरण की यह योजना फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई। पर्यटन: दशम व हुंडरू जलप्रपात, नेतरहाट और पतरातू पर ग्लास ब्रिज निर्माण की घोषणा हुई थी। कंसल्टेंट चयन लंबित रहने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।

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