नए एसओआर से सिंहस्थ के 13 कार्य प्रभावित फिर से डीपीआर व टेंडर में लगेंगे 4 से 5 माह

निगम के पास कम समय, अधिकारी भी चिंतित, पुराने एसओआर से काम करने की अनुमति लेने पर चर्चा सिंहस्थ महाकुंभ 2028 में अब महज 30 माह बाकी है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई प्रमुख प्रोजेक्ट या तो प्रारंभिक चरण में हैं या धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं। वहीं एसएलटीसी (राज्य स्तर तकनीकी समिति) ने नए एसओआर (दर निर्धारण सूची) से सिंहस्थ के कार्यों की डीपीआर और टेंडर करने के निर्देश दे दिए हैं। इसके चलते वे 13 प्रोजेक्ट, जिनकी डीपीआर और टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उन्हें फिर से नए एसओआर के माध्यम से करने में लगभग 4 से 5 माह और लग सकते हैं। इसके कारण ये प्रोजेक्ट देरी से शुरू होंगे, जबकि निगम और प्रशासन के पास निर्धारित समय ही बाकी है।
इन कार्यों में मुख्यत: चौड़ीकरण कार्य शामिल हैं, जबकि पिछले दो मार्गों के चौड़ीकरण के कार्यों को होता देख समझ आया है कि सबसे ज्यादा इन्हीं में समय लग रहा है। इस बीच उज्जैन के अधिकारी भी चिंता में है, जिसे लेकर संभागायुक्त स्तर तक चर्चा की गई है। नगरीय प्रशासन भोपाल आयुक्त को पत्र लिख यह समस्या बताते हुए इन 13 कार्यों को पुराने एसओआर से जारी रखने की अनुमति मांगी गई है ताकि इन कार्यों को इस साल ही शुरू किया जा सके। यह काम हैं, जिनमें टेंडर रिकॉल या तकनीकी स्वीकृति होना है 1. हनुमान नाक से हरीफाटक ब्रिज तक चौड़ीकरण 10 करोड़
2. ढांचा भवन से एमआर-5 तक चौड़ीकरण 16.80 करोड़
3. नानाखेड़ा से शांति पैलेस चौराहा, एमआर-5 तक चौड़ीकरण 15 करोड़
4. टैगोर चौराहे से दो तालाब तक सड़क चौड़ीकरण 19 करोड़
5. देवास रोड से मयूर पार्क एवं प्रशासनिक संकुल तक चौड़ीकरण 18 करोड़
6. सांदीपनी चौराहा से उदयन मार्ग तक चौड़ीकरण 24.50 करोड़
7. गाडी अड्डा चौराहे से ढांचा भवन होते हुए राकेश्वर महादेव मंदिर 56.14 करोड़
तक एमआर-4 तक चौड़ीकरण
8. हरसिद्धि पाल से रामघाट तक चौड़ीकरण 21.47 करोड़
9. नीलकंठ द्वारा से महाकाल चौराह तक चौड़ीकरण 14.2 करोड़
10. मकोड़ियाआम नाका आगर रोड से कानीपुरा रोड तक विराट नगर में डिवाइडर और आरसीसी रोड निर्माण 45.68 करोड़
11. महाकाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक चौड़ीकरण 16 करोड़
12. कहारवाडी से रामानुजकोट तक चौड़ीकरण 16.30 करोड़
13. रामानुज से दानीगेट चौराहे तक चौड़ीकरण 13.22 करोड़
इनमें से 1 से 7 तक कार्य के टेंडर रिकॉल होना है और 8 से 13 तक कार्य की तकनीकी स्वीकृति दिया जाना है। एसओआर दर बदलने से फायदा लेकिन फिलहाल नुकसान फिलहाल होने वाला नुकसान
नए एसओआर जारी होने से फिर से नई दरों से डीपीआर बनानी होगी, उसे एसएलटीसी भेजना होगा। वहां से मंजूरी मिलने पर एमआईसी या सदन से स्वीकृति लेनी होगी। फिर टेंडर होगा। तकनीकी और आर्थिक बीट खोली जाएगी। इन सबके बाद प्रस्ताव एसएलटीसी जाएगा और एक बार फिर मंजूरी लेनी होगी। इन सब में 3 से 4 माह निकल जाएंगे। अभी तो पुराने से ही काम चलेगा ^सिंहस्थ 2028 के कामों में कोई बिलंब नहीं किया जाएगा, यह प्राथमिकता है और रहेगी। नए एसओआर से काम तभी शुरू होंगे जब नया एसओआर इनप्लेस हो जाएगा। वर्तमान में तो पुराने एसओआर से काम चलता रहेगा।
रोशन कुमार सिंह, कलेक्टर

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