भास्कर न्यूज | बेमेतरा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक दिवसीय अपराध अन्वेषण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विवेचना अधिकारियों को नए आपराधिक कानूनों, समयबद्ध जांच प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों के संबंध में जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी योगेश उंजन ने अधिकारियों को बताया कि नए कानूनों का मूल उद्देश्य आमजन को त्वरित और प्रभावी न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि प्रकरणों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए विशेष प्रावधान जोड़े गए हैं। तलाशी और जब्ती के दौरान अनिवार्य रूप से फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी, घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण, नजरी नक्शा तैयार करना और साक्षियों की सूची संकलित करना अत्यंत आवश्यक है। डीआईजी रामकृष्ण साहू ने कहा कि प्रत्येक मामले में परिस्थितिजन्य साक्ष्य सावधानीपूर्वक एकत्र करें, गवाहों के बयान गंभीरता से दर्ज करें और वास्तविक आरोपी की पहचान सुनिश्चित करें ताकि निर्दोष व्यक्ति को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। उन्होंने केस डायरी का नियमित अवलोकन, चालान में दस्तावेजों को इंडेक्स अनुसार संलग्न करने और न्यायालय में सशक्त प्रस्तुतीकरण पर जोर दिया। इस अवसर पर आपराधिक कानूनों, समयबद्ध जांच प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों के संबंध में जानकारी दी। कार्यशाला में एएसपी हरीश कुमार यादव, एसडीओपी भूषण एक्का सहित निरीक्षक, उपनिरीक्षक और अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


