नया पासपोर्ट बनाने के लिए लोगों को अब हफ्ते या महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट को लेकर कई नियम बदल दिए हैं। अब नियमों के तहत पासपोर्ट का आवेदन करने के बाद अधिकतम सात दिन में पासपोर्ट जारी हो जाएगा। केंद्र सरकार ने 15 फरवरी से नए नियम लागू किए हैं। अब छत्तीसगढ़ में भी इन नियमों को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। इन्हीं नियमों के तहत पासपोर्ट जारी होना भी शुरू हो गया है। केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया को डिजिटल और तेज करने का फैसला किया है। छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय पासपोर्ट अफसरों के अनुसार सरकार का उद्देश्य है कि पासपोर्ट बनाने की पारदर्शिता को बढ़ाने के साथ ही लोगों की परेशानियों को कम करना है। नए नियमों के तहत सबसे बड़ी राहत पुलिस वेरिफिकेशन को लेकर मिली है। अब पुलिस वेरिफिकेशन के लिए लंबी कागजी कार्रवाई का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पासपोर्ट बनाने के लिए इसी काम में ही सबसे ज्यादा समय लगता है। जो अब नहीं लगेगा। इसके लिए एक एप रन कराया जा रहा है। जिसमें आसानी से पुलिस सत्यापन की रिपोर्ट अपलोड हो जाएगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने डॉक्यूमेंट-लेस आवेदन की भी शुरुआत की है। यानी पासपोर्ट बनाने के लिए दस्तावेजों को भी ले जाने की जरूरत नहीं होगी। डिजिलॉकर से अधिकारी दस्तावेजों को ऑनलाइन ही चेक कर लेंगे। छत्तीसगढ़ के किसी भी नागरिक के पास 2 दस्तावेज आधार और पैन कार्ड है तो वो पासपोर्ट बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। पासपोर्ट नवीनीकरण व बच्चों के लिए बदले नियम…इससे राहत
पासपोर्ट का नवीनीकरण कराना भी अब आसान हो गया है। पुराने पासपोर्ट और मौजूदा जानकारी में कोई बड़ा बदलाव नहीं है तो दोबारा पुलिस वेरिफिकेशन नहीं होगा। यह नियम भी 15 फरवरी से ही लागू किया गया है। इसके अलावा बच्चों के पासपोर्ट के लिए अब माता-पिता दोनों की मौजूदगी अनिवार्य नहीं होगी। सिंगल पेरेंट्स यानी माता या पिता भी अकेले जाकर बच्चे का पासपोर्ट बनवा सकते हैं। यह भी तय हो गया है कि अब जितने भी नए पासपोर्ट जारी होंगे वे ई-पासपोर्ट ही होंगे। पासपोर्ट में एक चिप लगी होगी। इस चिप से विदेश यात्रा के दौरान इमीग्रेशन चेक में समय नहीं लगेगा। इसके लिए सबसे ज्यादा ध्यान रखने वाली बात यह है कि जिनका पासपोर्ट है उनका आधार और मार्कशीट में नाम व जन्मतिथि एक समान होना चाहिए। यानी किसी भी तरह की स्पेलिंग मिस्टेक नहीं होनी चाहिए। अब तक आठ लाख से ज्यादा पासपोर्ट बने छत्तीसगढ़ में पहला पासपोर्ट सेवा केंद्र 2007 में शुरू हुआ था। पहले साल केवल 45 पासपोर्ट जारी किए गए थे। इसके बाद हर साल पासपोर्ट जारी होने की संख्या बढ़ती ही गई। 2023 में रिकॉर्ड 58504 लोगों ने पासपोर्ट बनवाया। पासपोर्ट बनाने वालों की संख्या कोरोना काल में भी कम नहीं हुई थी। 2020 में भी 20736 लोगों ने पासपोर्ट बनवाया था। छत्तीसगढ़ में हर साल औसतन 36000 लोग पासपोर्ट बनवा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के लिए विदेश जाने के बढ़ते क्रेज की वजह से पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या में बेहद तेजी आई है। 2007 में क्षेत्रीय कार्यालय खुलने के बाद से अब तक 8 लाख से ज्यादा पासपोर्ट जारी और नवीनीकृत हो चुके हैं।


