नए साल के पहले दिन झारखंड पूरी तरह जश्नमय नजर आया। मंदिरों में आस्था की लंबी कतारें दिखीं तो पर्यटन स्थलों पर पिकनिक और सैर-सपाटे का उत्साह चरम पर दिख रहा है। कहीं जयकारों की गूंज सुनाई दी तो कहीं डीजे की धुन पर युवा झूमते नजर आए। रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह और देवघर जैसे प्रमुख जिलों में नववर्ष के स्वागत को लेकर सुबह से ही चहल-पहल रही। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं और सैलानियों का उत्साह कम नहीं हुआ और पूरा प्रदेश नए साल के रंग में रंगा दिखा। रजरप्पा में मां छिन्नमस्तिके के दरबार में उमड़ी भीड़ रामगढ़ जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिके मंदिर में नववर्ष के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। झारखंड और बिहार समेत अन्य राज्यों से हजारों भक्त मां का आशीर्वाद लेने पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में लंबी कतारें लगी रहीं। विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भक्तों ने नए साल की शुरुआत की। पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने दामोदर नदी के संगम स्थल और आसपास की प्राकृतिक वादियों में पिकनिक और नौका विहार का आनंद ले रहे हैं। भीड़ को देखते हुए पुलिस और मंदिर न्यास समिति की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। तिलैया डैम बना सैलानियों का हॉटस्पॉट कोडरमा जिले का ऐतिहासिक तिलैया डैम नववर्ष के मौके पर सैलानियों से गुलजार रहा है। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ यहां पहुंचे। प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ों और डैम पर बने टापुओं ने सैलानियों को आकर्षित किया। इस वर्ष फ्लोटिंग बोट सेवा खास आकर्षण रही। जिसमें सवार होकर पर्यटकों ने हरियाली और सूर्योदय-सूर्यास्त के मनोरम दृश्य देख सकते हैं। पिकनिक, फोटोग्राफी और बोटिंग के साथ यहां उत्सव का माहौल बना रहा। सुरक्षा के लिए पुलिस बल, पार्किंग, ट्रैफिक कंट्रोल और चिकित्सा व्यवस्था की गई है। खंडोली में पर्यटन और कारोबार दोनों को मिला बढ़ावा गिरिडीह का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खंडोली भी नववर्ष पर पर्यटकों से खचाखच भरा रहा। धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, कोडरमा और देवघर समेत आसपास के जिलों से लोग यहां पहुंचे। बोटिंग, घुड़सवारी, बच्चों के पार्क और साइबेरियन पक्षियों ने सैलानियों को रोमांचित किया है। भारी भीड़ के कारण स्थानीय दुकानदारों और पर्यटन से जुड़े लोगों की अच्छी कमाई भी हुई। पुलिस-प्रशासन की सतर्कता से पर्यटकों ने खुद को सुरक्षित महसूस किया। देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन को उमड़ी आस्था नववर्ष की शुरुआत बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना के साथ करने के लिए देवघर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के मंदिर के पट खुलते ही 4 से 5 किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। हिमालयी फूलों से सजा बाबा मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन सिस्टम, बैरिकेडिंग और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। कुल मिलाकर नववर्ष के स्वागत में झारखंड के मंदिरों और पर्यटन स्थलों पर आस्था, आनंद और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।


