नए 271 सहायक आचार्यों को तीन माह से नहीं मिला वेतन

सिटी एंकर नव नियुक्त सहायक आचार्यों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। इसके कारण जिले के 271 ​सहायक आचार्य को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वेतन नहीं मिलने का सबसे बड़ा कारण शिक्षकों का सटिर्फिकेट आदि का वेरीफिकेशन नहीं होना बताया जा रहा है। तीन माह पूर्व शिक्षकों ने अपना प्रमाण पत्रों के साथ डिमांड ड्राफ्ट भी जमा कर दिया है। अभी कुछ शिक्षकों की सूची आई है, उस सूची में शामिल नवनियुक्त आचार्यों ने अपना प्रमाण पत्र और डिमांड ड्राफ्ट जमा किया है। आश्चर्यजनक बात यह है कि नव नियुक्त सहायक आचार्यों में काफी संख्या में पारा शिक्षक शामिल हैं, जिन्हें पूर्व से वेतन आदि मिल रहा था। उनके सर्टिफिकेट का पूर्व में भी वेरीफिकेशन कराया गया है। अब प्रमाण पत्रों की जांच कराने के लिए नवनियुक्त सहायक आचार्य डीएसई कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश हैं। वहीं, दूसरा कारण बायोमैट्रिक में पंजीयन है। बताते चलें कि राज्य में नव नियुक्त सहायक आचार्य को नवंबर माह में नियुक्ति पत्र दिया गया था। बायोमैट्रिक पंजीयन के बाद होगी ऑनलाइन हाजिरी ज्ञात हो कि राज्य के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में 10 हजार सहायक आचार्य की नियुक्ति हुई है। इन्हें ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना जरूरी है। शिक्षकों का बायोमेट्रिक पंजीयन नहीं होने के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही थी। ऐसे में शिक्षकों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया भी लंबित है। बोकारो जिला में कुल 271 सहायक आचार्य नियुक्त हुए हैं। पहले चरण में 235 सहायक आचार्य की नियुक्ति हुई। इसके बाद की सूची में 165 व तीसरी बार में 21 सहायक आचार्य की सूची डीएसई ऑफिस को मिली है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रथम चरण में नियुक्त सहायक आचार्य के वेतन भुगतान की मांग की है। संघ के प्रदेश महासचिव राममूर्ति ठाकुर ने कहा है कि प्रथम चरण में लगभग तीन माह पूर्व मध्य विद्यालय में सहायक आचार्य की नियुक्ति हुई थी। शिक्षकों के प्रमाण पत्र सत्यापन की प्रक्रिया अभी शुरू हुई है। प्रमाण पत्र सत्यापन में अभी विलंब होगा। ऐसे में संघ ने शपथ पत्र के आधार पर शिक्षकों को वेतन देने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों को परेशानी हो रही है। सात दिनों में कराना होगा बायोमेट्रिक का पंजीयन नवनियुक्त सहायक आचार्यों का सात दिनों में बायोमेट्रिक पंजीयन कराने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद शिक्षकों के लिए अपने विद्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक शशि रंजन ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला शिक्षा अधीक्षक को पत्र लिखा है। जिलों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सभी नवनियुक्त सहायक आचार्यों का पंजीयन ई-विद्यावाहिनी में किया जाना है। इसके लिए पहले जिला स्तर पर ई-विद्यावाहिनी में पंजीयन किया जाना है। पारा शिक्षक से सहायक आचार्य में चयनित हुए पुराने शिक्षकों को भी नए शिक्षक के रूप में जिला स्तर पर पंजीकृत करने का निर्देश दिया गया है। शपथ पत्र के आधार पर वेतन की मांग

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