नकटीपुरा गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी:ग्रामीणों ने नशे के कारोबार और आवारा पशुओं की समस्या भी उठाई

करौली की बरखेड़ा ग्राम पंचायत के नकटीपुरा गांव में ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर अपनी समस्याएं बताईं। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पानी, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर चिंता व्यक्त की। गांव में नशे का बढ़ता कारोबार एक गंभीर समस्या के रूप में सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, नकटीपुरा और आसपास के क्षेत्रों में स्मैक जैसे नशीले पदार्थों का प्रचलन बढ़ रहा है, जिससे युवा प्रभावित हो रहे हैं। उनका आरोप है कि पुलिस द्वारा समय-समय पर कार्रवाई के बावजूद नशे के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। आवारा पशुओं की समस्या भी गांव में विकराल रूप ले चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में न तो गौशाला है और न ही पशुओं के लिए पानी और चारे की पर्याप्त व्यवस्था। इसके चलते कई पशु भूख-प्यास से मर चुके हैं, जिससे किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान हो रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती है। नकटीपुरा गांव में कोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है। गंभीर बीमारियों या सामान्य इलाज के लिए गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को 8 से 15 किलोमीटर दूर करौली जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
परिवहन और पेयजल की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। गांव तक पहुंचने वाली सड़क कच्ची और गड्ढों से भरी है, जिससे बारिश के मौसम में आवागमन बाधित होता है। पेयजल के लिए गांव की एकमात्र पानी की टंकी से नियमित आपूर्ति नहीं होती, और कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों से पानी बर्बाद हो रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी गांव पिछड़ा हुआ है। नकटीपुरा में केवल एक प्राथमिक विद्यालय है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बच्चों को दूसरे गांवों या शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। वहीं, सामुदायिक शौचालय का निर्माण अधूरा होने से स्वच्छता योजनाओं का पूरा लाभ भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नशे पर सख्त कार्रवाई, गौशाला निर्माण, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी की स्थापना, पक्की सड़क निर्माण तथा नियमित पेयजल आपूर्ति की मांग की है।

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