राजनांदगांव जिला पुलिस ने ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली डीईएफ (यूरिया) बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। चिचोला पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नकली उत्पाद जब्त किया। इस मामले में 19 वर्षीय ईशु यादव को गिरफ्तार किया गया है। जो महोबा, उत्तर प्रदेश का निवासी है। गिरोह का मुख्य सरगना अतीक खान उर्फ जुम्मन खान अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस ने मौके से 147 बाल्टी, कुल 2940 लीटर नकली डीईएफ जब्त किया है। जिसकी अनुमानित कीमत 1,92,085 रुपए है। आरोपी महिंद्रा ऑयल, टाटा मोटर्स और गल्फ ऑयल जैसी बड़ी कंपनियों के नकली होलोग्राम और स्टिकर का इस्तेमाल कर नकली डीईएफ को असली बताकर बेच रहे थे। यह कार्रवाई थाणे (महाराष्ट्र) निवासी मंगल पांडे की लिखित शिकायत के आधार पर की गई। अवैध नकली यूरिया बनाने और बेचने की शिकायत शिकायत में बताया गया था कि ग्राम पाटेकोहरा में जुम्मन ढाबा के पास एक इमारत में अवैध रूप से नकली यूरिया तैयार कर उसे ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बेचा जा रहा है। पुलिस चौकी चिचोला प्रभारी योगेश पटेल और साइबर सेल राजनांदगांव की टीम ने तत्काल छापा मारा। छापेमारी में मुख्य आरोपी फरार छापे के दौरान मुख्य आरोपी जुम्मन खान मौके से फरार हो गया, लेकिन वहां मौजूद कर्मचारी ईशु यादव को हिरासत में ले लिया गया। वैध दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने के कारण आरोपी ईशु यादव के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी ईशु यादव को डोंगरगढ़ न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।


