भास्कर न्यूज | लुधियाना गोइंदवाल गांव स्थित शनिगांव में शनिवार को साप्ताहिक धार्मिक समागम के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने माथा टेका और सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य सेवादार कर्मजीत सिंह मान की देखरेख में विधि-विधान से हवन-यज्ञ के साथ हुआ। इसके पश्चात आध्यात्मिक गुरु शून्य प्रभु और कर्मजीत सिंह मान ने शनि महाराज की विशेष आरती की। समागम को संबोधित करते हुए आध्यात्मिक गुरु शून्य प्रभु ने जीवन जीने के एक महत्वपूर्ण सूत्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हम केवल भोजन, हवा और पानी ही ग्रहण नहीं करते, बल्कि बाहरी प्रभाव भी निरंतर हमारे अंदर जा रहे हैं। हम जो पढ़ते हैं, देखते हैं या दूसरों की निंदा सुनते हैं उन सबका गहरा प्रभाव हमारे मस्तिष्क पर पड़ता है। शून्य प्रभु ने आगाह किया कि जिस तरह खराब भोजन शरीर को बीमार करता है, वैसे ही नकारात्मक विचार मन को रोगी बना देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम दूसरों की दी हुई गाली या कड़वे विचारों को मन से बाहर नहीं निकालते तो वे अंदर ही अंदर सड़ने लगते हैं। यह मानसिक गंदगी अंततः इंसान को गंभीर मानसिक रोगों की ओर धकेल देती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि वे अपने आसपास के माहौल का चयन बहुत सोच-समझकर करें। समागम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए अटूट लंगर की व्यवस्था भी की गई थी।


