भास्कर न्यूज | डेगाना शहर की बिजली विभाग के बकाये को लेकर डेगाना में अब तक का सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।अजमेर विद्युत वितरण निगम के करोड़ों रुपए सरकारी महकमों और आम उपभोक्ताओं के पास फंसे हुए हैं। रिकॉर्ड के अनुसार अकेले डेगाना नगरपालिका पर 230 करोड़ रुपए की भारी-भरकम देनदारी है,जबकि 10 से अधिक प्रमुख सरकारी कार्यालयों पर 10 करोड़ रुपए का बिल बकाया चल रहा है।ग्राम पंचायत का 30.06 लाख, पीएचडी 20.15, डेगाना वितरण विभाग कार्यालय। एक्सईएन पुखराज बैरवा ने अब सख्ती दिखाने का फैसला किया है।वसूली के लिए विभाग ने 15 विशेष टीमों का गठन कर उन्हें मैदान में उतार दिया है। नगरपालिका 230.15 करोड, अस्पताल 3.26 लाख, घरेलू 129.80 करोड़,एसआईपी-8.46 लाख,एनक्यूएस 38.38 लाख,एम आईपी 6.30 लाख बकाया है। नागौर | सड़क हादसों में घायल होने वाले लोगों के लिए सरकार ने संजीवनी योजना लागू की है। कैशलेस ट्रीटमेंट फॉर रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स स्कीम-2025 के तहत अब नागौर जिले में किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित को 1.5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। तत्कालीन कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने इसके सुचारू क्रियान्वयन के लिए नागौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया था। जिला स्तर पर योजना को लागू करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक में एक विशेष खाता खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस खाते के माध्यम से उन मामलों में भी भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा, जहां वाहन का बीमा नहीं है या वह हिट एंड रन का मामला है। दुर्घटना के बाद घायल को अस्पताल ले जाने पर जेब में पैसे होने की मजबूरी नहीं रहेगी। योजना के तहत हादसे के पहले 7 दिनों के लिए प्रति पीड़ित 1.5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का प्रावधान किया गया है। अस्पताल मना करे तो 14555 पर करें कॉल : अक्सर देखा जाता है कि निजी या नाम निर्दिष्ट अस्पताल गंभीर घायलों को भर्ती करने में आनाकानी करते हैं। सरकार ने इसके लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नागौर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जिला स्तर पर शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया गया है। यदि कोई अस्पताल पीड़ित को भर्ती नहीं करता है, तो सीधे 14555 पर कॉल करके मदद मांगी जा सकती है।


