जोधपुर नगर निगम को दो भागों में बांटने के बाद से निगम उत्तर व दक्षिण अपने-अपने बजट पेश करते आए हैं, लेकिन इस बार पेश हो रहे दोनों के ही ये बजट अंतिम माने जा रहे हैं, क्योंकि इसके बाद एक बार फिर दोनों ही निगम को मर्ज कर पुन: एकल निगम बनाना तय माना जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को नगर निगम दक्षिण की बजट बैठक होगी, जिसमें विपक्ष द्वारा हंगामा करना तय माना जा रहा है। कांग्रेस पार्षदों की ओर से हंगामा करना इसलिए तय है, क्योंकि इससे एक दिन पहले ही निगम उत्तर की बजट बैठक में कांग्रेस के ही पार्षदों ने भाजपा की सरकार व प्रशासन पर पार्षदों के हिस्से की निधि का फंड जारी नहीं करने से खासी नाराजगी जताई थी। इन पार्षदों के समर्थन में ही उत्तर की महापौर कुंती परिहार ने बजट बैठक ही स्थगित कर दी थी। इसके बाद मंगलवार को ही कांग्रेसी पार्षदों की बैठक हुई, जिसमें निगम दक्षिण की बजट बैठक में भाजपा बोर्ड को घेरने की रणनीति पर मंथन हुआ। सूत्रों के अनुसार इसमें तय हुआ कि कांग्रेसी पार्षदों के वार्डों में पार्षद कोष के काम भी पूरे नहीं होने दिए गए और इसके पीछे राजनीतिक द्वेषभावना बताई गई। यही वजह है कि बुधवार को होने वाली बजट बैठक में हंगामा होगा। पिछली बार किया था 872.41 करोड़ का बजट पेश नगर निगम दक्षिण की महापौर वनिता सेठ ने गत वर्ष 7 फरवरी को अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश किया था। इसमें वर्ष 2024-25 के लिए 872 करोड़ 41 लाख 23 हजार का बजट पेश किया गया था और इसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया था। उस वक्त भी भाजपा शासित निगम की बजट बैठक में भाजपा के ही शहर विधायक अतुल भंसाली ने अपने आक्रामक तेवर दिखाते हुए नगर निगम को भ्रष्टाचार का अड्डा तक करार दिया था।


