रीवा के बड़ी पूल इलाके में एक हनुमान मंदिर की जमीन को लेकर बुधवार को दो पक्षों में विवाद की स्थिति बन गई। जहां मौके पर जांच करने पहुंचे नगर निगम के एसडीओ के सामने हिंदू संगठन और दूसरे पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। दरअसल, पूरा मामला एक 100 साल पुराने पीपल के पेड़ और हनुमान मंदिर से जुड़ा हुआ है। जिसको लेकर हिंदू संगठन का आरोप है कि हनुमान मंदिर और उसके आसपास की जमीन पर निजी निर्माण कर लिया गया है। वहीं, इस मामले में दूसरे पक्ष का कहना है कि उन्होंने अतिक्रमण नहीं किया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बिजली चोरी का आरोप भी लगाया है। नगर निगम के एसडीओ बुधवार को मामले की जांच करने पहुंचे। जहां मौके पर दोनों पक्षों की तीखी बहस हो गई। 100 साल पुराना पीपल का पेड़ जानकारी के मुताबिक वहां एक 100 साल पुराना पीपल का पेड़ है। जहां लोग जल चढ़ाने आते थे। लोगों के आने से धीरे-धीरे वहां पर हनुमान जी की मूर्ति स्थापित कर दी गई। जहां अब हर शनिवार और मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग दीप दान करने के लिए पहुंचते हैं। हिंदू संगठन ने नगर निगम में की थी शिकायत हिंदू संगठन की तरफ से नगर निगम कमिश्नर को एक शिकायत पत्र दिया गया था। जिसमें इस जमीन पर अतिक्रमण का जिक्र किया गया। विश्व हिंदू परिषद जिला सह संयोजक लखन लाल यादव ने बताया कि इस जगह से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। जहां पर रामदास उरमलिया ने जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। जबकि पूरे मामले में रामदास का कहना है कि मैंने किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया है। मंदिर के लिए बिजली चोरी की जा रही है। एसडीओ जांच करने पहुंचे थे जबकि पूरे मामले में निरीक्षण करने पहुंचे नगर निगम के एसडीओ पीएन शुक्ला ने बताया कि शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर जांच करने के लिए मौके पर पहुंचा। जहां मकान मालिक ने निर्माण दिन के संबंध में एक रजिस्ट्री दिखाई है। बाकी रजिस्ट्री कल दिखाने की बात कही है। हनुमान मंदिर लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है। इसलिए दोनों पक्षों को ध्यान में रखते हुए जो भी सामने आएगा, उसी आधार पर कार्यवाही की जाएगी।


