नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 575.37 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। बजट में शहर की आधारभूत संरचना को मजबूत करने, स्वच्छता व्यवस्था अपग्रेड करने, डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने और हाल ही में जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास पर फोकस रखा है। निगम अफसरों का दावा है कि यह बजट भरतपुर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यटन की दृष्टि से विकसित शहर बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। नगर निगम आयुक्त श्रवण विश्नोई ने गुरुवार को निगम कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप बेहतर पब्लिक सर्विस डिलीवरी को ध्यान में रखते हुए विकासोन्मुख बजट तैयार किया गया है। शहर में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या खत्म करने के लिए 64 करोड़ रुपए का बड़ा ड्रेनेज प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। इसके तहत आरएनएफसीडी, सीएफसीडी और अन्य ड्रेनेज कार्य कराए जाएंगे। बजट बैठक में सचिव विजयप्रताप सिंह और राजस्व अधिकारी तेजराम मीणा भी मौजूद रहे। स्मार्ट सेवा में आसानी से मिलेंगे प्रमाण-पत्र…
निगम स्मार्ट सेवा केंद्र 2.0 भी स्थापित करेगा। पहले से चल रहे स्मार्ट सेवा केंद्र 1.0 में जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र आवेदन के दिन ही जारी किए जा रहे हैं। नए केंद्र पर पट्टा, नामांतरण, फायर एनओसी, सब-डिवीजन, भवन निर्माण स्वीकृति, ट्रेड लाइसेंस और भू-उपयोग परिवर्तन समेत कई सेवाएं एक ही स्थान पर ऑनलाइन- ऑफलाइन उपलब्ध होंगी। इससे नागरिकों को ई-मित्र या अन्य कियोस्क पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कई जरूरी सेवाएं ऑनलाइन कीं, लोगों को ई-मित्र और कियोस्क पर नहीं जाना पड़ेगा बाजारों में बनेंगे वेंडिंग जोन … हाल ही में निगम सीमा में शामिल किए गए 33 गांवों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने के लिए 70 लाख रुपए से 200 बड़े डस्टबिन लगाए जाएंगे और नियमित कचरा परिवहन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ 3000 स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की मॉनिटरिंग के लिए हर घर पर RFID कार्ड लगाए जाएंगे। मुख्य बाजारों में 30 लाख रुपए से 200 ट्विन डस्टबिन लगाए जाएंगे और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नए वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे। वॉकी-टॉकी सिस्टम से जुड़ेगी सफाई व्यवस्था… सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग बेहतर करने के लिए 20 लाख रुपए से वॉकी-टॉकी सिस्टम स्थापित किया जाएगा। निगम का नया कॉर्पोरेट स्टाइल भवन भी बनेगा।


