बरनाला| नगर कौंसिल बरनाला के पार्षदों का कार्यकाल समय से पूर्व समाप्त कर उसे नगर निगम का दर्जा देने के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर अब अगली सुनवाई 9 मार्च को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता पार्षद सोनी जागल ने बताया कि बरनाला के कई पार्षदों ने कुछ समय पहले पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी जिसमें सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है। उन्होंने कहा कि नगर कौंसिल बरनाला का कार्यकाल मार्च 2026 में पूर्ण होना था लेकिन सरकार ने लगभग तीन महीने पहले ही कौंसिल को भंग कर इसे नगर निगम बना दिया जिसके कारण निर्वाचित पार्षद अपना संवैधानिक कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। पार्षदों का तर्क है कि जनता ने उन्हें पांच वर्ष की अवधि के लिए चुनकर भेजा था और समय से पहले कौंसिल को भंग करना लोकतांत्रिक नियमों के पूर्णतः विरुद्ध है। इस मामले की ताजा सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोई भी पक्ष पेश नहीं हुआ जिसके चलते न्यायालय ने अब 9 मार्च की तारीख तय की है। याचिकाकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया है कि उच्च न्यायालय से उन्हें न्याय प्राप्त होगा और लोकतंत्र की मर्यादा को बहाल करते हुए उनका कार्यकाल पूरा करने का अवसर दिया जाएगा।


