जगदलपुर में अवैध प्लाटिंग के मामलों को लेकर बुधवार को जगदलपुर नगर निगम में बैठक हुई। बैठक में महापौर संजय पांडेय और आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा मौजूद रहे। इसमें अवैध प्लाटिंग को कैसे नियमित किया जाए, इस पर चर्चा कर योजना बनाई गई। महापौर ने कहा कि निगम आम लोगों को नियमों के तहत उनका हक दिलाने के लिए काम करेगा। सबसे पहले जमीन की असली स्थिति राजस्व रिकॉर्ड से जांची जाएगी। जमीन मालिक या खरीदार को पटवारी और राजस्व अधिकारियों से संपर्क कर खसरा-खतौनी और सीमांकन करवाना होगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि जमीन पर किसका वास्तविक कब्जा है। ब्रोकर के नाम वाली जमीन का समाधान कई जगह जमीन अभी भी ब्रोकर के नाम पर दर्ज है। ऐसे मामलों में या तो जमीन को नियम अनुसार छत्तीसगढ़ शासन के नाम कराया जाएगा या फिर प्लाट खरीदार मिलकर एक रजिस्टर्ड सोसाइटी बनाए और जमीन सोसाइटी के नाम ट्रांसफर कराए। इससे आगे विवाद नहीं होगा। सोसाइटी बनने के बाद सदस्यों की सूची, भुगतान की रसीद और जमीन से जुड़े सभी कागज संभालकर रखने होंगे। प्लानिंग विभाग से मंजूरी जरूरी नियमितिकरण के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से भू-उपयोग, लेआउट और अन्य जरूरी मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद नगर निगम नियमितिकरण की कार्रवाई शुरू करेगा। इसके बाद भवन निर्माण की अनुमति और बुनियादी सुविधाएं देने का रास्ता साफ होगा। निगम प्रशासन ने कहा कि जो लोग नियमों का पालन करेंगे, उनके मामलों का समाधान किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।


