नगर परिषद जैतहरी अध्यक्ष पर फर्जीवाड़ा का आरोप कार्रवाई की मांग
कोतमा। चुनाव के पहले समाज सेवा के भाव से नेता चुनावी मैदान में उतरते हैं एवं लोक लुभावन वादे कर सत्ता प्राप्त कर जनता की सेवा को कोसों छोड़ व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए लग जाते हैं ताजा मामला नगर परिषद जैतहरी में अध्यक्ष पद की कुर्सी प्राप्त करते ही अपने निजी फॉर्म को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को ताक में रख बिल पास करने का मामला सामने आया। नगर परिषद जैतहरी के वार्ड क्रमांक 5 में अजय प्रताप सिंह के निवास से अग्रवाल ट्रेडर्स तक नाली निर्माण का कार्य श्री राम इंफा को दिया गया था जिसमें नाली का निर्माण गलत दिशा में करने के कारण नाली का पानी वार्ड क्रमांक 5 में स्थित तालाब में जाने लगा जिसके कारण तालाब का पानी खराब हो रहा है और तालाब के पानी का निस्तार करने वाले लोगों द्वारा आपत्ति दर्ज कराई नगर परिषद अध्यक्ष उमंग गुप्ता द्वारा मध्य प्रदेश नगर पालिका (लेखा एवं वित्त) नियम 2018 अध्याय 5 के नियम क्रमांक 236 एवं 238 का खुलेआम उल्लंघन कर स्वयं की फॉर्म श्रीराम इंफास्ट्रक्कर को 295171 रुपया 25 पैसे का किया गया भुगतान गई जिसके चलते पूर्व परिषद द्वारा श्रीराम इंफा का बिल रोक दिया गया। साथ ही कमिश्नर शहडोल द्वारा दिनांक 4 जून 2023 को संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास शहडोल को सूक्ष्म जांच कर प्रकरण नियमानुसार कार्यवाही का का निर्देश दिया गया था। किंतु नगर परिषद जैतहरी के वार्ड क्रमांक 5 अजय प्रताप सिंह के निवास से अग्रवाल ट्रेडर्स तक नाली निर्माण नियमों को ताक में रख अध्यक्ष उमंग गुप्ता द्वारा 292171 रुपए 25 पैसे का स्वयं की फॉर्म श्रीराम इंफा वाउचर क्रमांक 271 द्वारा अनैतिक लाभ लेते हुए मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 51 में निहित कर्तव्यों के विपरीत कार्य कर नगर परिषद जैतहरी को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। साथ ही मध्य प्रदेश नगर पालिका लेखा एवं वित्त नियम 2018 के अध्याय 5 के नियम क्रमांक 111, 112, 121, 128, 138, 140 सहित बिना बजट के प्रावधान किए बिना नियम क्रमांक 236 238 का खुलेआम उल्लंघन जानबूझकर स्वयं की फॉर्म श्री राम इंफा का बिल भुगतान किया गया।


