नगर-पालिका के बाबू का मौत से पहले का VIDEO:कहा-CMO ने फर्जी साइन करने प्रताड़ित किया, इनकार करने पर कचरा गाड़ी गिनने में ड्यूटी लगाई

मध्य प्रदेश के दतिया नगर परिषद में पदस्थ बाबू ने UP के झांसी में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। प्रेम नगर‎ नाराईपुरा मोहल्ले में स्थित मकान में लाश मिली है। मरने से पहले दिलीप गोंड (55) ने 3 मिनट 39 सेकेंड का वीडियो बनाया है। उन्होंने अपनी मौत के लिए CMO नागेंद्र गुर्जर, राज दुबे और धर्मेंद्र शर्मा को जिम्मेदार ठहराया है। जानकारी के मुताबिक, बाबू सुबह उठे और चाय पी, फिर वह बिल्डिंग का सामान खरीदने के लिए मार्केट गए। मार्केट से लौटकर वह अपने घर की छत पर बने एक कमरे में गए, जहां उन्होंने फांसी लगा ली। थोड़ी देर बाद उनका बेटा उन्हें देखने गया तो अपने पिता को फांसी पर लटका हुआ पाया। इस दौरान पिता को फंदे पर लटका देखकर बेटा चिल्लाया। आवाज सुनकर परिवार के दूसरे लोग भी आ गए। झांसी की प्रेम नगर पुलिस मौके पर पहुंची। डेडबॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार को सौंप दिया गया। पुलिस वीडियो के आधार पर सुसाइड केस की जांच कर रही है।
फर्जी दस्तावेजों पर साइन नहीं किए, गाड़ियों की गिनती में ड्यूटी लगाई सुसाइड से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में दिलीप गोंड कह रहे हैं कि वह नगर पालिका की स्थापना शाखा में बाबू के पद पर पोस्टेड था। उस समय नगर निगम के CMO मकबूल खान इंचार्ज थे। CMO मकबूल ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स तैयार किए थे। मामला 2017 में लोकायुक्त के पास पहुंचा और जांच अभी भी चल रही है। फर्जी डॉक्यूमेंट्स 2006 की नोटशीट से जुड़े फर्जी डॉक्यूमेंट्स पर साइन करवाने की कोशिश की गई। साइन करने से मना करने पर 50,000 रुपए की रिश्वत ऑफर की गई। जब मना किया तो CMO नागेंद्र गुर्जर ने पद से हटाकर ट्रेंचिंग ग्राउंड पर कचरा गाड़ियां गिनने का काम दे दिया। वीडियो में बाबू का दावा है कि CMO नागेंद्र गुर्जर ने उसके साथ गाली-गलौज की, उसे मेंटली परेशान किया। दो दूसरे कर्मचारियों ने भी उसे परेशान किया। इससे वह दुखी थे। उनका कहना था कि बाबू का काम ऑफिस में लेखा-जोखा है, लेकिन गाड़ी गिनने में लगाया गया। यह उनके लिए बहुत दुखद घटना है। बाबू अपनी मौत के लिए CMO नागेंद्र गुर्जर और दो दूसरे कर्मचारियों को जिम्मेदार मानता है। शुक्रवार को वह बिल्कुल नॉर्मल थे, अचानक मौत की खबर आई सहकर्मियों के मुताबिक, दिलीप गोंड शुक्रवार को हमेशा की तरह ऑफिस आए थे। वह अपने काम में पूरी तरह लगे हुए दिखे। उनके व्यवहार में कोई चिंता या तनाव नहीं दिखा। शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद वह झांसी में अपने घर गए थे, लेकिन अचानक उनकी मौत की खबर आई। CMO ने कहा- आरोप बेबुनियाद हैं मामले पर CMO नागेंद्र गुर्जर ने कहा कि दिलीप गोंड मेहनती और लगन से काम करने वाले कर्मचारी थे। वह शुक्रवार को ऑफिस में मौजूद थे। वह छुट्टी पर झांसी गए थे। उन्हें वहां क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। वीडियो में लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। लिपिक सस्पेंड, 4 सदस्यीय जांच टीम गठित वहीं कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के निर्देश पर नगर पालिका के लिपिक (बाबू) राजेश दुबे को सस्पेंड कर दिया गया है। मस्टर कर्मचारी धर्मेंद्र शर्मा को काम से हटा दिया गया है। साथ ही कलेक्टर ने एडीएम के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। कलेक्टर ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह तीन दिन के भीतर दिलीप सिंह की आत्महत्या के कारणों की डिटेल जांच कर रिपोर्ट पेश करें। जांच रिपोर्ट के बाद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। …………………………… यह खबर भी पढ़ें भोपाल में प्रेमी संग भागी पत्नी, पति ने किया सुसाइड… भोपाल के निशातपुरा में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने मौत के लिए पत्नी और उसके प्रेमी को जिम्मेदार बताया है। यह खबर भी पढ़ें…

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