शशि कुमार|जामताड़ा/गढ़वा झारखंड में मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना के तहत गरीबों को नमक नहीं मिल रहा है। सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य के सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारी को पत्र लिखकर चेतावनी दी है। 2024-25 की प्रथम तिमाही अप्रैल से जून के दौरान कई जिला में राज्य के औसत से भी कम कम वितरण किया गया है। ऐसे जिले के आपूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे उच्च प्राथमिकता के साथ वितरण करें। खाद्य और उपभोक्ता मामले निदेशालय के अवर सचिव जेसी विनीता ने पत्र जारी कर संबंधित अधिकारियों को सूचित किया। पत्र में कहा गया है कि योजना के तहत नमक वितरण का राज्य औसत 58.70% है, लेकिन जिलों में यह कम पाया गया। 11 जिले में वितरण का औसत 50-60 प्रतिशत के बीच रहा, जबकि गोड्डा, सिमडेगा और सरायकेला में औसत 50% से भी कम रहा। गोड्डा में 48.15%, सिमडेगा में 44.97% और सरायकेला में 41.06% ही बांटा गया। 84.28% के साथ रामगढ़ पहले स्थान पर रहा। लातेहार (78.22%) दूसरे और कोडरमा राज्य में (77.84%) तीसरे नंबर पर रहा। सरायकेला सबसे पीछे रहा। नमक वितरण में सबसे कम प्रदर्शन करने वाले जिलों में सरायकेला-खरसावां (41.06%), सिमडेगा (44.97%) और गोड्डा (48.15%) हैं।


