कोटा शहर में होली के पर्व पर सजने वाली नयापुरा आदर्श होली की झांकियां हर साल की तरह इस बार भी खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। कोटा के नयापुरा इलाके में आयोजित होने वाली इन झांकियों का शहरवासी बेसब्री से इंतजार करते हैं। हजारों की संख्या में लोग यहां उमड़ते हैं और देश-विदेश के ज्वलंत मुद्दों के साथ धार्मिक व सामाजिक एकता का संदेश देती झलकियों को देखते हैं। नयापुरा आदर्श होली संस्था के अध्यक्ष राकेश कुमार राकू ने बताया कि संस्था पिछले 40 वर्षों से लगातार विभिन्न विषयों पर झांकियां बनाकर समाज को सकारात्मक संदेश देती आ रही है। झांकियों को बंगाली कारीगरों और स्थानीय कलाकारों द्वारा एक महीने की मेहनत से तैयार किया जाता है। इस बार कुल तीन प्रमुख झांकियां बनाई गई हैं। पहली झांकी अरावली पर्वतमाला पर आधारित है, जिसमें अवैध खनन से हो रहे पर्यावरणीय नुकसान को दर्शाया गया है। झांकी का शीर्षक है “अरावली को बचा लो, ना हम बचेंगे ना कोई और”, जिसके माध्यम से जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी और आमजन को जागरूक करने का प्रयास किया गया है। दूसरी धार्मिक झांकी में कैलाश पर्वत पर भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का भव्य दृश्य दर्शाया गया है, जिसमें शिव बारात मुख्य आकर्षण रहेगी। तीसरी झांकी हाड़ौती के इतिहास की वीरांगना हाड़ी रानी पर आधारित है, जिसमें उनके अद्वितीय बलिदान को दर्शाया गया है।
आज रात 8 बजे से झांकियां आमजन के लिए खोल दी जाएंगी। कल स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे और 2 मार्च को मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन कांग्रेस विधायक शांति कुमार धारीवाल द्वारा किया जाएगा।


