चूरू शहर के नयाबास में महिला मित्र मंडली द्वारा एक फाग उत्सव का आयोजन किया गया। इस उत्सव में क्षेत्र की महिलाओं और युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। चंग की थाप और बांसुरी की मधुर धुन पर पारंपरिक लोकगीतों के साथ धमाल प्रस्तुत की गई, जिससे पूरा माहौल फाल्गुनी रंग में रंग गया। इस आयोजन की एक खास बात यह रही कि कार्यक्रम स्थल पर पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित था। इससे महिलाओं को होली की पारंपरिक मस्ती का खुलकर आनंद लेने का अवसर मिला। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी महिलाएं जब एक साथ लोकधुनों पर थिरकीं, तो वातावरण में उमंग और उत्साह भर गया। महिलाओं ने धमाल की तर्ज पर होली के पारंपरिक लोकगीत गाए, जिनमें हास्य-व्यंग्य और सांस्कृतिक रंगों की झलक साफ नजर आई। कार्यक्रम स्थल पर एक ओर गीतों की गूंज थी, तो दूसरी ओर ढोल-चंग की थाप पर सामूहिक नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी लोक संस्कृति से जुड़ने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं। फाग उत्सव न केवल होली के रंगों को जीवंत करता है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक सहभागिता का संदेश भी देता है। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अक्सर होली के अवसर पर पुरुष ही अधिक उत्सव मनाते नजर आते हैं। इस आयोजन ने महिलाओं को भी पारंपरिक अंदाज में धमाल गाकर और नृत्य कर पर्व का भरपूर आनंद लेने का मौका दिया।


