उमरिया जिले के चंदिया परिक्षेत्र अंतर्गत नरवार गांव के जंगल से सटे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मुरूम का अवैध उत्खनन सामने आया है। खनन माफियाओं ने जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग कर सैकड़ों ट्रॉली मुरूम निकाली। वन विभाग को सूचना मिलते ही उत्खनन में लगे जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली मौके से फरार हो गए। आरोप है कि वन विभाग ने इसे राजस्व क्षेत्र का मामला बताकर तत्काल कार्रवाई नहीं की। उत्खनन राजस्व भूमि में हुआ परिक्षेत्र अधिकारी नीलेश द्विवेदी ने बताया कि वन क्षेत्र में निगरानी के बाद कार्रवाई की जाएगी। उनके स्टाफ के अनुसार, उत्खनन राजस्व भूमि में हुआ है। वन रक्षक सत्येन्द्र ने कहा कि उन्होंने अभी मौके का निरीक्षण नहीं किया है, लेकिन संभावना है कि उत्खनन वन क्षेत्र से बाहर हुआ हो। गौरतलब है कि कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने अवैध उत्खनन रोकने के लिए वन, राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद वन विभाग ने न तो स्वयं कार्रवाई की और न ही अन्य विभागों को समय पर सूचना दी, जिससे अवैध खनन करने वाले मौके से भाग निकले। स्थानीय स्तर पर हुए इस बड़े पैमाने के अवैध उत्खनन से वन क्षेत्र से जुड़े पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। इस घटना के बाद प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।


