नरसिंहपुर जिले के आमापानी जंगल में गश्त कर रहे वनकर्मियों पर गोलीबारी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सुआतला थाना पुलिस ने मुठभेड़ और हमले के आरोप में 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार बरामद कर आम जनता के मन से खौफ निकालने के लिए राजमार्ग चौराहे पर आरोपियों का पैदल जुलूस भी निकाला। जंगल में गश्त के दौरान हुआ था हमला यह वारदात 3 फरवरी की दोपहर करीब 3 बजे हुई थी। वनरक्षक ऋषिकेश टैगौर अपनी टीम के साथ आमापानी के खारी तालाब के पास गश्त कर रहे थे। तभी उन्हें जंगल में कुछ संदिग्ध हलचल दिखाई दी। टीम ने जब घेराबंदी कर राजा, अन्नू और सेवक नाम के संदिग्धों को रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से वनकर्मियों पर सीधी फायरिंग कर दी। दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने हवाई फायर भी किए। सरकारी संपत्ति को पहुंचाया नुकसान हमलावरों ने वनरक्षक की बाइक को बंदूक के बट और कुल्हाड़ी से मारकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद आरोपी घने जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले थे। जांच में सामने आया कि ये सभी आरोपी लंबे समय से जंगल में अवैध रूप से सागौन की कीमती लकड़ी की कटाई और तस्करी में शामिल थे। मौके से पुलिस को लकड़ी के कटे हुए टुकड़े और तस्करी में इस्तेमाल होने वाले औजार भी मिले थे। पुलिस की विशेष टीम ने दबोचा घटना के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। सोमवार को पुलिस ने दबिश देकर मुख्य आरोपी राजा उर्फ राजेंद्र, अभिषेक पटेल, रंजीत लोधी, अनिल, सेवक ठाकुर और कैलाश को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से एक 12 बोर की बंदूक, एक भरमार बंदूक और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। तस्करी नेटवर्क का होगा खुलासा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी ने बताया कि इन आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि जिले में सक्रिय अवैध लकड़ी तस्करी के पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों का पता लगाया जा सके।


