समरावता मामले में नरेश मीणा समेत उसके साथियों की जमानत को लेकर फैसला आ गया है। नरेश मीणा की जमानत खारिज कर दी गई है, जबकि उसके 18 समर्थकों की जमानत डीजे कोर्ट के न्यायाधीश अयूब खान ने ले ली है। इसी के साथ इस प्रकरण में अब तक 61 लोगों की जमानत हो चुकी है। APP राजेश गुर्जर ने बताया कि नरेश को छोड़कर अन्य 18 की लगाई गई जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। राजस्थान विधानसभा उप चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा सहित 19 आरोपियों की जमानत पर आज टोंक के डीजे कोर्ट में सुनवाई हुई। इससे पहले तीन बार सुनवाई टल चुकी है। इस केस में 39 बालिगों की दो दिन पहले चार जनवरी को हाईकोर्ट से और चार नाबालिग की दिसंबर में डीजे कोर्ट से जमानत हो चुकी है। ज्ञात रहे कि 13 नवंबर को देवली उनियारा विधानसभा के उपचुनाव के लिए मतदान हुआ था। इसमें समरावता गांव के लोगों ने उनके गांव को उनियारा उपखंड कार्यालय में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार कर रखा था। उस समय निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा भी ग्रामीणों की मांग वाजिब बताते हुए ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गया था। मतदान बहिष्कार के बाबजूद तीन जनों के जबरन वोट दिलाने का आरोप लगाते हुए नरेश मीणा ने सेक्टर मजिस्ट्रेट (मालपुरा SDM) अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। दूसरे दिन पुलिस ने नरेश मीणा को धरना स्थल से गिरफ्तार कर लिया था। फिर कोर्ट ने 15 नवंबर को जेल भेज दिया था। इसके बाद नरेश मीणा की गत माह ADJ कोर्ट उनियारा ने जमानत याचिका ख़ारिज कर दी थी। दिसंबर में DJ कोर्ट में नरेश मीणा की जमानत याचिका लगाई गई। 18 दिसंबर को जमानत पर नरेश मीणा के वकीलों ने बहस के लिए समय मांगा। फिर जज ने 23 दिसंबर को जमानत पर सुनवाई निर्धारित की। फिर नरेश मीणा के वकीलों ने बहस के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने चार जनवरी को जमानत पर सुनवाई का समय दिया। चार जनवरी को न्यायाधीश अवकाश पर होने से सुनवाई 6 जनवरी तक टल गई थी । कोर्ट से सुनवाई के लिए 6 जनवरी निर्धारित की थी। आज इस केस में सुनवाई हुई।
यह भी पढ़ें समरावता प्रकरण में 39 आरोपी जेल से हुए रिहा:हाईकोर्ट के आदेश के बाद 51 दिन बाद आए बाहर, लोगों ने किया स्वागत टोंक जिले के समरावता प्रकरण में हाईकोर्ट से 39 आरोपियों की जमानत होने के बाद उन्हें शनिवार रात को जिला कारागार से दस-दस के ग्रुप में रिहा किया गया। हालांकि इनमें से एक आरोपी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती है। उसे भी कानूनी रूप से रिहा किया गया। अब उसकी देखभाल उसके परिजन करेंगे। पढ़ें पूरी खबर …


