नर्मदा सिंचाई परियोजना 660 मेगावाट बिजली 200 बिस्तर वाला अस्पताल होंगी पूरी
नए वर्ष में अनूपपुर नगर का बदलेगा स्वरूप
अनूपपुर। जिले के विकास की नई उम्मीदों को लेकर इस धरती पर उतरेगी। जो जिलेवासियों के राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और अन्य बहुआयामी जरूरतों की पूर्ति में नई मील का पत्थर साबित होगा। वर्ष 2024 जिले के लिए उपलब्धियां से भरा वर्ष रहा है, जहां इस वर्ष कई बड़ी उपलब्धियां प्राप्त हुई और कुछ नए वर्ष में सौगात के रूप में मिलेगी। इससे न सिर्फ अनूपपुर मुख्यालय, कोतमा, जैतहरी बल्कि पुष्पराजगढ़ जैसे विकासखंड में स्वीकृत हुए कार्यों ंका आगामी दिनों में लाभ मिलेगा तो वहीं दूसरी ओर एक नई पहचान मिलेगी। अनूपपुर जिला दो दशक बाद भी अपनी बुनियादी जरूरतों की पूर्ति के जदोंजद कर रहा है। यहां सांस्कृतिक आधार पर जिले के स्वरूप को जरूर निखारा गया, लेकिन जिस स्तर पर जिले का समूल विकास को किया जाना था, वह अधूरा रह गया। प्रदेश के अंतिम छोर पर बसा जिला आज भी उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, उच्च राजनीतिक प्रतिमानो, सामाजिक और सांस्कृति धरोहर से अछूता है। बावजूद जिले के लिए वर्ष 2024 उपलब्धियां से भरा रहा। यहां नर्मदा नदी के ऊपर अपर नर्मदा सिंचाई परियोजना जैसे विशाल प्रोजेक्ट को रखते हुए बिजली उत्पादन के साथ सिंचाई परियोजना को स्वीकृत किया गया है। वहीं बिजली उत्पादन में अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई अनूपपुर में 660 मेगावाट क्षमता बिजली उत्पादन नए सयंत्र स्थापित की मंजूरी मिल गई है। इन दोनों वृहत परियोजना से किसानों को सिंचाई के साथ रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। सिंचाई परियोजना से 12 हजार 893 किसानों की फसल का सिंचित रकबा बढ़ जाएगा। 660 मेगावाट क्षमता के बिजली उत्पाद सयंत्र को स्थापित करते हुए अमरकंटक ताप विद्युत गृह को नवजीवन दिया जा सकेगा।
200 बिस्तर का जिला अस्पताल
जिला चिकित्सालय अनूपपुर जिला मुख्यालय में अब मरीजों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेगी। पूर्व में 100 बिस्तरों के प्रस्तावित जिला अस्पताल को अब 200 बिस्तर के नवीन चिकित्सालय भवन में तैयार किया जा रहा है। संभावना है कि वर्ष 2025 में नए भवन का संचालन आरंभ हो जाएगा। फिलहाल 100 बिस्तर का जिला अस्पताल स्थानीय मरीजों के साथ सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से रेफर होकर आने वाले मरीजों की अधिक तादाद के कारण मरीजों व परिजनों के लिए परेशानी का कारण बन जाता था। लेकिन 200 बिस्तर का अस्पताल संचालित होने से यह असुविधा दर होगी। इस वर्ष बस स्टैंड स्पोटर्स, काम्प्लेक्स तथा गीता भवन की सौगात भी प्राप्त हुई है। सीएचसी कोतमा से बना सिविल अस्पताल वर्ष 2024 में कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल का दर्जा दिया गया है। हालांकि वहां सिविल अस्पताल के साथ लगभग 100 बिस्तरों की सुविधा जैसी व्यवस्था बनानी है, जिस पर संभावना है कि नववर्ष में यहां संसाधनों को बढ़ाते हुए एक सिविल अस्पताल के रूप में कोतमा व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को इसका लाभ दिलाया जा सकेगा। जबकि बिजुरी उप तहसील के रूप में संचालित थी उसे पूर्ण तहसील का दर्जा दे दिया गया है।
रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज
दशकों से रेल लाइन के कारण दो हिस्सों में बंटा अनूपपुर जिला रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज की मांग कर रहा था। यहां निर्माण कार्य भी आरंभ हुए, लेकिन राजनैतिक शून्यता के उदासीनता के कारण यह पांच वर्षों से आधा अधूरा अर्द्धनिर्मित हालत में पड़ा है। जिले के पुष्पराजगढ़ विकासखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने मप्र टूरिज्म विकास बोर्ड व जिला प्रशासन द्वारा कई नए प्रयोग किए गए हैं, जहां होली डे होम्स के विकास के साथ अमरकंटक व उमरगोहान को पर्यटन क्षेत्र में विकसित किया गया है। वहीं वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा अमरकंटक में नर्मदा लोक बनाए जाने की घोषणा पर अब तक कोई प्रस्ताव तैयार नहीं किए गए हैं। बताया जाता है कि इसके लिए न तो बजट ही प्राप्त हुए और ना ही इसके लिए भूमि ही निर्धारित हो पाई है। अगर यह नर्मदा लोक तैयार होता है कि संभव है कि अनूपपुर जिला नर्मदा उद्गम स्थली के साथ उज्जैन महाकाल जैसी भव्य लोक के रूप में अपनी पहचान बना पाएगी।


